जिला पंचायत की मतगणना में प्रशासन पूरी तरह फेल नजर आया। मतों की गिनती में 24 घंटे से अधिक समय लगने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। समय से परिणाम जिला मुख्यालय न पहुंचने से चुनाव जीतने वाले प्रमाणपत्र पाने को जिला मुख्यालय पर शाम चार बजे तक भटकते रहे।
पंचायत चुनाव के चारों चरणों के मतदान के लिए प्रशासन से ब्लाक वार मतगणना स्थल बनाए थे। मतगणना को 12 से 15 घंटे में निपटाने के लिहाज से न्याय पंचायत के हिसाब से टेबिल लगाई गई थी। लेकिन रविवार सुबह से ही मतगणना की गति धीमी होने के कारण परिणाम देर से आने शुरू हुए। पहला परिणाम लगभग 12 बजे प्राप्त हुआ। इसके बाद रातभर मतगणना का काम चलता रहा। सोमवार सुबह लगभग आठ बजे मरौरी और ललौरीखेड़ा ब्लाक के लिए मंडी में बनाए गए मतगणना पंडाल का काम पूरा हुआ। इसमें भी बीडीसी के विजेताओं की घोषणा कर दी गई, जबकि जिला पंचायत का परिणाम कलक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत के लिए बने निर्वाचन कार्यालय भेज दिया। अन्य ब्लाकों का चुनाव परिणाम भी यहीं पहुंचना था।
उधर, चुनाव के समय मौजूद अभिकर्ताओं के आंकड़ों के हिसाब से चुनाव जीतने वाले प्रमाणपत्र प्राप्त करने को जिला मुख्यालय पहुंचने लगे। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस फोर्स भी सुबह 10 बजे से ही तैनात रहा लेकिन मतगणना पंडाल से कलक्ट्रेट पहुंची सूचियों का मिलान न होने पाने के कारण प्रमाणपत्र वितरित नहीं हो सके। चार बजे तक अन्य ब्लाकों के परिणाम पहुंचने के बाद प्रमाण-पत्रों का वितरण शुरू हो सका।