जिला पंचायत में यूं तो सभी पार्टियों के समर्थित प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे लेकिन वार्ड 13 से जसवंत कौर ने जीत हासिल कर जिले में कांग्रेस को जिंदा रखा है। उनकी इस जीत को उनके पुत्र हरप्रीत सिंह चब्बा की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष और यूथ कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा ने इस बार जिला पंचायत का चुनाव लड़ने की तैयारी की थी लेकिन बाद में उन्होंने अपनी केंद्रीय उपभोक्ता भंडार की डायरेक्टर रहीं अपनी मां जसवंत कौर को वार्ड 13 से चुनाव लड़ाया। सपा सहित सभी प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में होने के कारण इस वार्ड पर भी जिले भर की निगाहें थीं। सोमवार को जारी हुए मतगणना परिणाम में जसवंत कौर ने 5554 मत पाकर निकटतम प्रतिद्वंदी 2929 मत हासिल सुजाता डे को परास्त किया। खास बात यह है इस वार्ड में सिख मतों की संख्या मात्र 700 है और विरोधी प्रत्याशी उन्हें इसी आधार पर काफी हल्का आंक रहे थे। लेकिन 55 सौ से अधिक मत हासिल कर उन्होंने सारे मिथक तोड़ दिए। जसवंत कौर की जीत को हरप्रीत सिंह चब्बा की जीत के रूप में देखा जा रहा है और इस तरफ चब्बा की जीत के ही चर्चे हैं। लोगों का मानना है कि मां को चुनाव जीता कर चब्बा ने विधानसभा में कांग्रेस से दावेदारी पक्की कर ली है।