पीलीभीत। लंबे समय से अवैध कब्जे और प्लाटिंग के आरोपों को लेकर विवादों में रही पिंक सिटी कॉलोनी में बुधवार को एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर चला। खकरा नदी के किनारे 100 मीटर दायरे में कथित तौर पर अवैध रूप से बनाई गई सड़क को नगरपालिका, राजस्व और विनियमित क्षेत्र की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीन से ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनाइजर ने अपना पक्ष रखते हुए निर्माण को निजी जमीन पर बताया, लेकिन मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य ने पालिका की जमीन बताकर नदी के निर्धारित दायरे में किसी भी तरह के निर्माण को अवैध मानते हुए सड़क हटाने के निर्देश दिए।
नकटादाना से खकरा पुल जाने वाले मार्ग पर आम वाले मियां की बाजार के पास पिंक सिटी कॉलोनी बसी हुई है। कॉलोनी के कुछ गाटों को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। नाजूल की जमीन पर कब्जा कर प्लाटिंग किए जाने की शिकायतों पर पहले भी प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा चुकी है। हालांकि, कुछ समय बाद मामला फिर शांत हो जाता रहा।
इधर, कॉलोनी का विस्तार खकरा नदी के किनारे तक पहुंच गया। आरोप है कि कॉलोनी संचालन से जुड़े अहमद नबी की ओर से खकरा नदी के 100 मीटर दायरे में सड़क का निर्माण करा दिया गया। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई। जांच के दौरान सड़क का निर्माण नगरपालिका क्षेत्र और नदी के निर्धारित दायरे में पाया गया।
मामला संज्ञान में आने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य ने नगरपालिका और राजस्व विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ पिंक सिटी कॉलोनी पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया। कार्रवाई की जानकारी मिलने पर कॉलोनाइजर ने मौके पर पहुंचकर अपना पक्ष रखा और सड़क तोड़े जाने को गलत बताया।
इसी दौरान सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य और सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। करीब 20 मिनट तक मौके पर बातचीत हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खकरा नदी के रिवर फ्रंट के 100 मीटर दायरे में इस तरह का निर्माण स्वीकार्य नहीं है। जबकि जमीन भी पालिका की है। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने अवैध रूप से बनाई गई सड़क को ध्वस्त करने के निर्देश दिए।
नदी की जद में बने घरों के नक्शों पर भी उठे सवाल
सड़क ध्वस्त कराने के दौरान खकरा नदी से सटे क्षेत्र में बने कुछ मकानों का मामला भी अधिकारियों के सामने आया। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि यदि ये मकान नदी के निर्धारित दायरे में हैं तो इनके नक्शे कैसे पास हुए। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच कराने की बात कही। इसके अलावा कार्रवाई वाले दायरे के निकट ही डूडा से सड़क निर्माण का मामला भी चर्चाओं में रहा।
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पालिका की जमीन चिह्नित करने के निर्देश
सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य ने बताया कि नगरपालिका और नदी के दायरे में अवैध निर्माण कर सड़क बनाई गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई करते हुए सड़क को ध्वस्त कराया गया है। नगरपालिका की जमीन को चिह्नित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नदी की जद में बने मकानों के नक्शों के संबंध में भी जांच कराई जाएगी।
पिंक सिटी कॉलोनी में र्कारवाई के दौरान जानकारी करते सिटी मजिस्ट्रेट। संवाद