पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम मुसरहा में बिजली निगम की लापरवाही के चलते एक पशुपालक का भारी नुकसान हो गया है। गांव के सार्वजनिक देवस्थान के पास लगे बिजली के पोल में अर्थिंग तार से उतरे करंट की चपेट में आने से दुधारू भैंस की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली निगम के प्रति आक्रोश है।
पशुपालक बनबारी लाल ने बताया कि सोमवार सुबह करीब सात बजे वह अपनी भैंस को चराने के लिए बेटी के साथ ले जा रहे थे। जैसे ही भैंस देवस्थान के पास स्थित पोल के समीप पहुंची, वह पोल से सटे अर्थिंग तार के संपर्क में आ गई। करंट के तेज झटके से भैंस तड़पने लगी और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। ममता ने भैस को तड़पता देख रस्सी को छोड़कर खुद को बचा लिया। ग्रामीणों द्वारा शोर मचाए जाने के बाद बिजली कर्मचारियों को फोन पर हादसे की सूचना के बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई।
पुरानी शिकायतों को निगम ने किया नजरअंदाज
ग्रामीणों का आरोप है कि इस खंभे में पिछले छह महीने से करंट उतरने की समस्या बनी हुई है, जिसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन निगम के अफसरों ने सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने बताया कि चार महीने पहले इसी खंभे के पास खेल रहा 6 वर्षीय बच्चा भी करंट की चपेट में आने से बाल-बालबचा था। बावजूद इसके निगम ने कोई ठोस सुधार नहीं किया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली विभाग ने पहले ही चेतावनी को गंभीरता से लिया होता, तो यह हादसा नहीं होता। भविष्य में किसी बड़ी जनहानि की आशंका जताते हुए ग्रामीणों ने बिजली विभाग के दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित पशुपालक बनबारी लाल को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।