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Pilibhit News: सीमावर्ती क्षेत्र में संयुक्त सीमांकन न होने से बढ़ रहा सीमा विवाद

Wed, 13 Nov 2024 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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कलीनगर। तराई इलाके में नेपाल सीमा से सटे इलाके तक कई गांवों में राजस्व और वन विभाग समेत विभिन्न श्रेणियों में दर्ज भूमि सीमा विवाद में फंसी है। संयुक्त सीमांकन न होने से विवाद का निस्तारण नहीं हो पा रहा। सीमावर्ती गांवों के लोगों को खेतीबाड़ी में दिक्कतें आ रही हैं। इससे अतिक्रमणकारियों की भी मौज है। क्षेत्र में पीटीआर का बड़ा दायरा अतिक्रमण की चपेट में है। इसका लंबे समय से हल नहीं निकल सका है।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत तराई इलाके में नेपाल सीमा से सटे बंदरभोज, गुनहान, रामनगरा, बूंदीभूड़, नौजल्हा नंबर एक, दो, नगरिया खुर्द, ढकिया ताल्लुके, महाराजपुर आदि गांवों की सीमा में लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। यहां पीटीआर जिस जमीन को अपना बताता है, वहां वर्षों से खेती हो रही है। इसमें बंदरभोज गांव का दायरा भी शामिल है।
ऐसी स्थिति पास के ही गांव बूंदीभूड़ की भी है। यहां पीटीआर की ओर से करीब सौ लोगों पर विभागीय केस भी दर्ज किए गए थे। कब्जा हटाने को लेकर पीटीआर प्रशासन को विरोध का सामना भी करना पड़ा। इसके बाद कई बार सीमा स्पष्ट करने के लिए वन और राजस्व विभाग की ओर से सीमांकन हुआ मगर, नतीजा शून्य रहा। अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है।
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इसके बाद राजनीतिक दखलंदाजी शुरू हो गई। विभागीय केस होने के बाद कुछ इलाके के लोगों ने कोर्ट की शरण भी ले ली। लेखपाल गजेंद्र सिंह ने बताया कि दो दिन पूर्व इंडो-नेपाल सीमा से सटे इलाके में जाकर स्थिति को देखा गया था। इसकी रिपोर्ट अफसरों को दी गई है।
सैकड़ों एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर उगा रहे फसलें
शारदा नदी के पार पट्टे की आड़े में वन विभाग के बड़े दायरे में कब्जा कर खेती हो रही है। बराही रेंज में तैनात वन दरोगा ने एक व्यक्ति पर माधोटांडा थाने में वन भूमि पर कब्जा कर आय से अधिक संपत्ति बनाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हट सका। इसके आड़ में अवैध गतिविधियों भी हावी होने लगी।

नेपाल भी कई स्थानों पर अपनी भूमि का दावा कर जताने लगा आपत्ति
शारदा नदी के पार ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर नंबर 27 और 28 के बीच नेपाल की एपीएफ ने कुछ दायरे में पड़ने वाली जमीन को अपना बताकर भारतीय लोगों को खेती करने से रोकना शुरू कर दिया। दो दिन पूर्व भी सूचना पर एसडीएम कलीनगर ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को परखा था। दरअसल पिलर नंबर 27 और 28 के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर की दूरी काफी अधिक है। इसलिए दोनों पिलर के बीच करीब चार साल पूर्व दो सब पिलर लगाए गए थे और आगे की कार्यवाही को ग्रामीणों के विरोध के चलते रुकवा दिया गया था। इस इलाके में करीब 35 भारतीयों के पट्टे हैं। जो खेती कर रहे हैं। नेपाल की एपीएफ फोर्स की कार्रवाई का पट्टेदार विरोध भी जताते आ रहे हैं। इसका स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो सका है।
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