मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में सिर दर्द-चक्कर, बेचैनी की आईं शिकायतें, हुई बीपी जांच
पीलीभीत। चिलचिलाती धूप के साथ बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। ऐसे में अनियमित दिनचर्या के कारण मरीजों में कमजोरी के साथ ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। रविवार को शहर के पीएचसी पर आयोजित जन आरोग्य मेले में सिर दर्द, चक्कर, बेचैनी, शरीर में कमजोरी की समस्या से पीड़ित मरीजो की भीड़ उमड़ी। इनका ब्लड प्रेशर जांच में अनियंत्रित पाया गया। कुछ पुराने मरीजों की दवाओं में बदलाव करते हुए उन्हें चिकित्सक की ओर से बेहतर सलाह दी गई।
शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पुराना अस्पताल में चिकित्सक डॉ. जनमेजय सिंह व डॉ. पंकज रावंशी की मौजूदगी में लगभग 65 से अधिक मरीजों दिया गया। इसमें ज्यादातर मरीजो को ब्लड प्रेशर जांच की गई। काफी मरीजों का ब्लड प्रेशर 140 से अधिक पाया गया। महिलाओं ने भी पहुंचकर बीपी जांच करवाई। वहीं, शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीटोला में डॉ. अफसान ने 100 से अधिक मरीजों को परामर्श दिया। यहां गर्भवती महिलाओं में बढ़ती गर्मी से कमजोरी जैसी शिकायतों को लेकर चिकित्सक ने फॉलिक एसिड, विटामिन-कैल्शियम की दवा के साथ समय-समय पर नीबू पीने, ओआरएस घोल जैसे तरल पदार्थ 2-3 लीटर प्रतिदिन पीने की सलाह दी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागगुलशेरखां में डॉ. रोहित ने 75 से अधिक मरीजो को परामर्श देने के साथ बच्चों को धूप में निकलने से परहेज, नारियल पानी, ओआरएस-ग्लूकोज घोल देने की परिवार को सलाह दी। मरीजों को उक्त रक्तचाप दिवस पर हाइपरटेंशन को लेकर जागरूक भी किया गया। संवाद
ललौरी खेड़ा पीएचसी पर 28 मरीजों को मिला इलाज
जहानाबाद। ललौरी खेड़ा पीएचसी पर जन आरोग्य मेले में 28 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेले में मुख्य रूप से डॉ. दीपा वाजपेयी की ड्यूटी लगाई गई। उन्होंने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराईं। अधिकतर मरीज सर्दी, जुकाम, बदन दर्द और बुखार और खुजली से पीड़ित पाए गए। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के मौके पर आरोग्य मेले में पहुंचे मरीजों के ब्लड प्रेशर की जांच की गई।
बरखेड़ा। सुहास, खमरिया पंडरी, दौलतपुर पट्टी और जोगीठेर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 314 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवाइयां वितरित की गईं। मौसम में बदलाव के कारण इस बार मेले में सबसे ज्यादा मरीज बुखार, खुजली और खांसी से पीड़ित पाए गए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा वितरण के लिए फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं थी। दवा बांटने का काम कहीं वार्ड बॉय तो कहीं स्टाफ नर्स को संभालना पड़ा। पीएचसी सुहास पर डॉ. शाहीन जहां ने बताया कि 132 मरीजों की जांच कर दवा दी गई। पीएचसी खमरिया पंडरी डॉ. श्रृंखला मिश्रा के मुताबिक 74 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी गई। दौलतपुर पट्टी में डॉ. उदित यादव ने 65 और जोगीठेर में डॉ. जसपाल चौधरी ने 43 मरीजों को देखा।