पीलीभीत। बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा द्वारा मुख्यमंत्री से जिले में हुए अवैध खनन, सार्वजनिक जमीन और तालाबों पर अवैध कब्जे, धान खरीद घोटाले आदि की शिकायत पर शासन ने जिला प्रशासन से जवाब तलब किया है।
बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने 23 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर जनपद खास तौर से होने वाले अवैध खनन, जमीन और तालाबों पर अवैध कब्जे, प्राथमिक स्कूलों में स्वेटर घोटाला, धान खरीद, सड़क के गुणवत्तापूर्ण निर्माण आदि में बरती जाने वाली अनियमितताओं से अवगत कराया था। विधायक के अनुसार मामले में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने मंडलायुक्त को उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच करने के आदेश दिए थे। विधायक का आरोप है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद जांच के लिए किसी भी समिति का गठन नहीं किया गया। मामले में कार्रवाई न होते देख विधायक रामसरन वर्मा ने 14 फरवरी और 27 फरवरी को पुन: पत्र भेजकर अपनी शिकायतों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने अलग-अलग तिथियों में पूर्व प्रकरणों के साथ कई अन्य प्रकरणों से भी बार-बार अवगत कराया। विधायक का कहना है कि मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उन्होंने कहा कि सपा और बसपा के कार्यकाल में उन्होंने भाजपा के जनप्रतिनिधि के तौर पर बेहतर जनसेवा की और किसी भी अधिकारी की जनता का शोषण करने की हिम्मत नहीं हुई। मगर, भाजपा सरकार में उन्हें स्थानीय अफसरों की ओर से परेशान किया जा रहा है। विधायक ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि वह आखिरी बार पत्र प्रेषित कर रहे हैं। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई पत्र नहीं भेजूंगा और न किसी से संपर्क करूंगा। विधायक की शिकायत पर शासन ने अफसरों से जवाब तलब किया है। इस बारे में अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।