शुक्रवार को सूची जारी हुई तो साफ हो गया कि संजीव प्रताप सिंह सब पर भारी पड़े। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें निकाय चुनाव में जिले की सभी नौ सीटें भाजपा के खाते में जाने का इनाम जिलाध्यक्ष की कुर्सी बरकरार रख कर दिया। इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने जिलाध्यक्ष के नेतृत्व जिले की सभी चारों सीटों पर कब्जा किया था। इसी को देखते हुए संजीव प्रताप की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी।