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एक किलोमीटर के दायरे के सभी पक्षी मारे जाएंगे, कराया जाएगा दफन

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पीलीभीत/पूरनपुर। रुहेलखंड में बर्ड फ्लू का पहला केस पीलीभीत की पूरनपुर तहसील में सामने आने पर पशुपालन विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है। आईवीआरआई बरेली से सूचना मिलने के बाद रात में ही टीमों ने यह जानने के लिए दौड़ लगाना शुरू कर दिया कि आखिर किस पोल्ट्री फार्म का नमूना पॉजिटिव आया है। हालांकि आईवीआरआई से लिखित रिपोर्ट मिलने तक अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि पूरनपुर के एकमात्र मुर्गी का नमूना शेरपुर से भेजा गया था। लिहाजा इस क्षेत्र को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया है, इसके एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी मुर्गे, मुर्गी, बत्तख समेत सभी पक्षी मारकर दफनाए जाएंगे। प्रति पक्षी 90 रुपये के हिसाब से मालिक को हर्जाना भी दिया जाएगा।
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बर्ड फ्लू का अलर्ट होने के बाद से लगातार टीमें नमूना लेकर जांच को भेज रही थीं। इसके लिए पशुपालन विभाग की ओर से ब्लॉकवार सात टीमें लगाई गई थी। अब तक करीब 250 सैंपल एकत्र करके बरेली आरवीआरआई लैब भेजे जा चुके थे। पक्षियों की आकस्मिक मौत पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच 10 जनवरी को शेरपुर कलां में 62 मुर्गे-मुर्गियों और तीन बत्तख की मौत हो गई थी। मृत मुर्गे मुर्गियों का मांस खाकर एक कुत्ता और उसके छह बच्चे भी मर गए थे। इसकी सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग की टीम ने दफनाए गए मुर्गी और एक मुर्गे के शव को बरेली आरवीआरआई जांच के लिए भेजा था। दूसरे ही दिन चार उल्लूओं की भी मौत कलीनगर में हो गई थी। इनके सैंपल भी बरेली भेजे गए था। फिर बुधवार को चार कौवों की मौत का मामला भी प्रकाश में आया था। इससे दहशत बनी हुई थी, लेकिन कोई पॉजिटिव केस न मिलने पर अफसर राहत महसूस कर रहे थे। बुधवार को भी दिन भर अफसर बर्ड फ्लू को लेकर राहत में थे, मगर देर शाम अचानक एक केस पॉजिटिव निकलने का शोर मच गया। रिपोर्ट न मिलने के कारण पहले तो अफसर अनभिज्ञता जताते रहे, मगर बाद में जब निदेशालय के अफसरों ने फोन कर पूरनपुर में बर्ड फ्लू का केस मिलने की सूचना दी तो खलबली मच गई। पशु पालन विभाग के अधिकारियों की धड़कनें भी तेज हो गई। आननफानन में टीमें यह पता लगाने में जुट गई कि आखिर पॉजिटिव केस कहां का निकला है, मगर देर रात तक टीमें इसे लेकर असमंजस में रहीं। रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जाता रहा, मगर कार्रवाई को लेकर तस्वीर जरूर साफ कर दी गई। मुर्गी का सैंपल सिर्फ शेरपुर से ही भेजा गया था। ऐसे में तय माना जा रहा है कि वहीं की मुर्गी पॉजिटिव निकली है। सिर्फ अधिकारिक तौर पर बिना रिपोर्ट पुष्टि करने से बचा जाता रहा। फिलहाल बृहस्पतिवार को रिपोर्ट से पूरी तरह पुष्टि करने के बाद टीम एक किलोमीटर के दायरे के सभी पक्षियों को मारेगी। उन्हें फिर गहरा गड्ढा खोदकर दफन कराया जाएगा ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
शेरपुर में तो हजारों की संख्या में मुर्गे-मुर्गियां
मुर्गी का सैंपल पॉजिटिव निकलने पर यह तय माना जा रहा है कि मामला शेरपुरकलां से जुड़ा है। इसे लेकर कार्रवाई भी होना तय है। इसके चलते क्षेत्र के पोल्ट्री फार्म मालिकों की धड़कनें भी तेज हो गईं। रात भर वह पशुपालन विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी लेने में जुटे रहे। बता दें कि इस क्षेत्र में मुर्गे-मुर्गियों की बड़ी संख्या है, जिस इलाके में 62 मुर्गे-मुर्गियों की मौत बीते दिनों हुई थी। इसके अलावा अन्य पक्षियों को लेकर भी कार्रवाई होगी। अब सभी को चिंता यह है कि कहीं उनका पोल्ट्री फार्म भी इस दायरे में न आ जाए।
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फैक्ट फाइल
- पूरनपुर से अब तक भेजे जा चुके 50 सैंपल।
- मुर्गी का एकमात्र सैंपल भेजा गया था शेरपुर से।
- 62 मुर्गे-मुर्गी की हो चुकी मौत।
- मृत मुर्गी का मांस खाकर चली गई थी कुत्ते और उसके छह बच्चों की जान।
- कलीनगर में चार उल्लुओं की हो चुकी है मौत
- चार कौवों की भी हुई मौत।
पूरनपुर से एक केस पॉजिटिव निकलने की मौखिक सूचना मिली है। रिपोर्ट देखने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कहां का नमूना है। फिलहाल जो भी होगा रिपोर्ट मिलने पर एक किलोमीटर का संबंधित इलाका कंटेन्मेंट जोन घोषित कराकर वहां के सभी पक्षियों को मारकर दफन कराएंगे। इसका हर्जाना 90 रुपये प्रति पक्षी के हिसाब से दिया जाएगा। - डॉ. राजीव मिश्रा, डिप्टी सीवीओ
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