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Pilibhit News: सीबीएसई 10वीं परिणाम में बेनहर पब्लिक स्कूल का रहा दबदबा

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पीलीभीत। सीबीएसई बोर्ड के 10वीं का परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों की सफलता की झलक देखने को मिली। इस बार बेनहर पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ टॉप स्थानों पर कब्जा जमाया, बल्कि 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्रों की संख्या के मामले में भी अन्य स्कूलों को पीछे छोड़ दिया।
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बुधवार को घोषित हुए सीबीएसई बोर्ड के 10वीं के परिणाम में शहर के बेनहर पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिले में दूसरे और तीसरे स्थान पर भी इसी स्कूल के छात्र रहे। इससे स्कूल का दबदबा साफ नजर आया। इसके अलावा 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 60 से अधिक रही, जो अन्य स्कूलों की तुलना में काफी अधिक है।
अन्य प्रमुख स्कूलों के परिणामों पर नजर डालें तो सेंट एलायसिस कॉलेज में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 11 रही। स्प्रिंगडेल कॉलेज के आठ विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल में सात विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त किए, जबकि लायंस बाल विद्या मंदिर स्कूल के आठ छात्र इस श्रेणी में शामिल रहे। शहर के लिटिल एंजेल्स स्कूल में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला, जहां करीब 25 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। शहर के पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय के कई छात्रों ने भी 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए। इस प्रकार विभिन्न स्कूलों के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद बेनहर पब्लिक स्कूल का प्रदर्शन बेहतर रहा। संवाद
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कम अंक असफलता नहीं, आत्ममंथन का अवसर : डॉ पल्लवी
पीलीभीत। परीक्षा में अपेक्षा से कम अंक आने पर निराश होने के बजाय उसे सीखने का अवसर मानना चाहिए। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पल्लवी के अनुसार, अंक किसी भी छात्र की योग्यता का अंतिम पैमाना नहीं होते। ऐसे समय में सकारात्मक सोच अपनाना और विफलता को स्वीकार करना मानसिक तनाव कम करने का पहला कदम है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को दबाने के बजाय माता-पिता, मित्रों या शिक्षकों से खुलकर बात करनी चाहिए। संवाद करने से मानसिक दबाव काफी हद तक कम हो जाता है। डॉ. पल्लवी ने यह भी सलाह दी कि तनाव के दौरान पर्याप्त नींद लेना और पौष्टिक आहार का सेवन बेहद जरूरी है। इसके साथ ही गहरी सांस लेने के व्यायाम और योग करने से मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। सही मार्गदर्शन और संतुलित दिनचर्या अपनाकर छात्र न केवल तनाव से उबर सकते हैं, बल्कि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन भी कर सकते हैं। संवाद
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