पीलीभीत। सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और गणित-विज्ञान जैसे कठिन विषयों में मजबूत बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन कोचिंग की पहल शुरू की है। इस योजना के तहत वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल और प्रभावी तरीके से पढ़ाई कराई जाएगी।
जिले में माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन कोचिंग मॉडल को लागू करने पर जोर दिया है। इस पहल के तहत 35 राजकीय, 22 सहायता प्राप्त और 132 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के छात्र लाभान्वित होंगे। एक संस्थान के सहयोग विद्यार्थियों को गणित और विज्ञान विषयों की ऑनलाइन कक्षाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स) कार्यक्रम का विस्तार करते हुए छात्रों को आधुनिक तकनीकी विषयों की भी जानकारी दी जाएगी।
प्रत्येक विद्यालय में नियुक्त किए जाएंगे नोडल शिक्षक
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। यह शिक्षक छात्रों का पंजीकरण कराने, उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने, तकनीकी सहायता प्रदान करने और उनकी शंकाओं का समाधान करने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
विद्यार्थी ऐसे उठा सकेंगे इसका लाभ
प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से वे स्मार्टफोन पर कभी भी और कहीं भी निशुल्क पढ़ाई कर सकेंगे। जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक प्रशांत कुमार ने बताया कि इस पहल से छात्रों को अपने समय का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा और वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे। संवाद