किसानों को मिल सकेगा उचित दाम
कृषि वैज्ञानिक डॉ एसएस ढाका ने बताया कि तराई का यह जिला प्रदेश के उन 26 जिलों में शामिल है, जिन्हें काफी पहले ही बासमती जोन घोषित किया गया है। पहले यहां बासमती की खेती का रकबा काफी अधिक रहा, लेकिन फिर फसल में रोग एवं कीट लगने के साथ ही जिले की मंडियों में वाजिब दाम नहीं मिलने के कारण इसके खेती सिमट कर रह गई। हालांकि अब सरकार की इस नई पहल से किसानों के साथ ही बासमती चावल के कारोबारियों को भी फायदा होगा। बासमती उगाने वाले किसानों का निर्यातकों से तालमेल बढ़ाया जाएगा।
कृषि अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि टांडा बिजैसी में इसको लेकर जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी।