फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: देशभर में महकेगा पीलीभीत का बासमती चावल, सीड प्रोसेसिंग फैसेलिटी सेंटर को मिली मंजूरी; बढ़ेगा निर्यात

Thu, 25 Dec 2025 12:01 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत जिले का बासमती चावल अब देशभर में महकेगा। टांडा बिजैसी में बासमती सीड प्रोसेसिंग फैसेलिटी सेंटर बनाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके बनने से बासमती चावल के उत्पादन के साथ निर्यात भी बढ़ेगा। 
विज्ञापन
बासमती चावल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तराई के जनपद पीलीभीत में बासमती की खुशबू और अधिक बढ़ जाएगी। टांडा बिजैसी में प्रस्तावित बासमती सीड प्रोसेसिंग फैसेलिटी सेंटर को बनाने के लिए कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है। इसके बाद यहां उन्नतशील बीज को तैयार किया जाएगा। करीब छह हेक्टेयर दायरे में इसका निर्माण कार्य कराया जाएगा। सीड प्रोसेसिंग फैसेलिटी सेंटर बनने से बासमती चावल के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। 

विज्ञापन


जिले में बासमती की पैदावार काफी अधिक होती रही है। जिले के करीब तीन लाख किसान धान की खेती करते हैं। 1.40 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर धान की पैदावार की जाती है। इसमें पांच से छह हजार हेक्टेयर रकबे पर ही बासमती की खेती की जाती है। पिछले काफी लंबे समय से जिले में बासमती की पैदावार में गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में जिले में बासमती की खेती को बढ़ावा दिए जाने को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। 

इसको लेकर जिले में बासमती सीड प्रोसेसिंग फैसेलिटी सेंटर बनाए जाने की कवायद तेज की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कवायद पर अब कैबिनेट ने इसको लेकर मंजूरी दे दी है। न्यूरिया थाना क्षेत्र के टांडा बिजैसी स्थित राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र पर इसको लेकर करीब छह हेक्टेयर की जगह को भी चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों को मिल सकेगा उचित दाम
कृषि वैज्ञानिक डॉ एसएस ढाका ने बताया कि तराई का यह जिला प्रदेश के उन 26 जिलों में शामिल है, जिन्हें काफी पहले ही बासमती जोन घोषित किया गया है। पहले यहां बासमती की खेती का रकबा काफी अधिक रहा, लेकिन फिर फसल में रोग एवं कीट लगने के साथ ही जिले की मंडियों में वाजिब दाम नहीं मिलने के कारण इसके खेती सिमट कर रह गई। हालांकि अब सरकार की इस नई पहल से किसानों के साथ ही बासमती चावल के कारोबारियों को भी फायदा होगा। बासमती उगाने वाले किसानों का निर्यातकों से तालमेल बढ़ाया जाएगा।

कृषि अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि टांडा बिजैसी में इसको लेकर जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें