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बरेली का होमगार्ड चार किलो अफीम के साथ गिरफ्तार

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अफीम तस्करी के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी। होमगार्ड दाएं से दूसरा। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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बिलसंडा/पीलीभीत। अफीम की सप्लाई देने जा रहे छह लोगों को पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार किया है। इसमें बरेली जिले में होमगार्ड के पद पर तैनात पुत्तू अहमद उर्फ पप्पू भी शामिल है। पुत्तू को ही इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। तलाशी में सभी छह लोगों के पास से 4.180 किलोग्राम अफीम बरामद की गई है। इसकी कीमत पांच लाख रुपये बताई जा रही है। बिलसंडा थाने की पुलिस को सूचना मिली कि सोहेला गांव को जाने वाले रास्ते पर छह लोग शनिवार को सुबह अफीम लेकर सफारी गाड़ी से निकलेंगे और ढाबों पर अफीम की सप्लाई करेंगे। एसएसआई सुनील शर्मा पुलिस टीम के साथ रास्ते में चेकिंग करने लगे।
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जैसे ही सफारी गाड़ी गुजरी तो पुलिस ने उसे रुकवा लिया। गाड़ी में सवार लोगों की तलाशी ली गई तो मुख्य आरोपी बरेली के थाना फरीदपुर के गांव नगरिया विक्रम निवासी होमगार्ड पुत्तू अहमद उर्फ पप्पू के पास तीन किलोग्राम, बरेली के थाना भुता के गांव भगवानपुर निवासी संदीप के पास 250 ग्राम, बरेली के थाना फतेहगंज पूर्व के गांव टिसुआ निवासी मौजीम के पास 200 ग्राम, शाहजहांपुर के थाना बंडा के गांव पटना निवासी अयाज अली के पास से 250 ग्राम, बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी के गांव सरैंदा निवासी कुंवर सिंह उर्फ दीपक के पास 280 ग्राम, बरेली के थाना फरीदपुर के गांव नगरिया विक्रम निवासी ओमप्रकाश के पास 200 ग्राम अफीम बरामद की गई है।
पुलिस सभी को थाने लेकर पहुंची और पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे झारखंड से अफीम लेकर आते हैं। इसके बाद हाईवे किनारे ढाबों पर सप्लाई करते हैं। पुलिस ने सभी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
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खाकी पहन कर तस्करी करता था होमगार्ड : होमगार्ड जवान पुत्तू अहमद उर्फ पप्पू लंबे समय से अफीम की तस्करी से जुड़ा है। उसका पुत्र इरफान, दामाद इकरार अहमद और भांजा मोहम्मद हनीफ भी अफीम तस्करी में जेल जा चुके हैं। फरीदपुर में इनका ढाबा था। वहीं से तस्करी का काम शुरू किया था। होमगार्ड होने के कारण वर्दी की आड़ में आसानी ने अफीम सप्लाई करता रहा।
मूल रूप से बरेली के थाना फरीदपुर के गांव नगरिया विक्रम निवासी होमगार्ड पिछले 15 साल से अधिक समय से तस्करी का धंधा कर रहा है। इसका फरीदपुर में हाईवे किनारे ढाबा था। अफीम तस्करी का काम वहीं से करता था। 2014 में तस्करी के मामले में बरेली कोतवाली पुलिस ने पुत्तू को जेल भेजा था। उस समय निलंबन की कार्रवाई हुई थी। इसके कुछ समय बाद फिर बहाल होकर होमगार्ड की नौकरी करने लगा था।
जब वह 2014 में गिरफ्तार हुआ था तो पुलिस ने उसका ढाबा भी ध्वस्त करा दिया था। पुत्तू के जेल जाने के बाद धंधा उसका बेटा इरफान, उसी गांव के निवासी दामाद इकराम अहमद और भांजे मोहम्मद हनीफ ने संभाल लिया था। ये सभी हाईवे किनारे के ढाबों और ट्रक चालकों को अफीम सप्लाई करते थे।
वर्ष 2018 में तस्करी के दौरान पुत्तू के पुत्र इरफान का बीसलपुर कोतवाली पुलिस ने एनडीपीएस में चालान कर दिया था। इसके बाद उसे जेल भेजा गया। कुछ वक्त बाद ये जेल से छूट गया था। वर्ष 2021 में इरफान, दामाद इकराम अहमद और भांजे मोहम्मद हनीफ को फरीदपुर पुलिस ने अफीम तस्करी में जेल भेजा था। पंजाब, झारखंड पुलिस भी एनडीपीएस में होमगार्ड को जेल भेज चुकी है।
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