गजरौला(पीलीभीत)। जंगल क्षेत्र से गुजरने वाले रिछौला-माला स्टेशन मार्ग पर बुधवार सुबह स्कूल जा रहे गोयल कॉलोनी के एक दर्जन छात्र-छात्राओं की नजर किनारे बैठे बाघ पर पड़ी तो वे कांप उठे। दहशत के चलते कुछ बच्चे कॉलोनी लौट गए जबकि कुछ अन्य राहगीरों के पहुंचने तक वहीं रुके रहे। बाघ जंगल के अंदर चला गया तब बच्चे आगे की ओर बढ़े। बच्चों ने स्कूल पहुुंचकर घटना के बारे में बताया।
गजरौला में गोयल कॉलोनी जंगल से सटे क्षेत्र में है। यहां से माला कॉलोनी की दूरी चार किमी है। दोनों के बीच में एक किमी का जंगल क्षेत्र पड़ता है। गोयल कॉलोनी के दो दर्जन बच्चे माला कॉलोनी के संजय गांधी मेमोरियल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने जाते है। रोजाना की तरह बुधवार सुबह कॉलोनी के सूरज विश्वास, साक्षी दत्त, शर्मिला, गौरव गाइन समेत एक दर्जन बच्चे साइकिल से रिछौला- माला स्टेशन जंगल मार्ग से स्कूल के लिए निकले। जंगल के अंदर पहुंचते ही उनकी नजर 300 मीटर दूर मार्ग किनारे बैठे बाघ पर पड़ी। बाघ देख बच्चों के होश उड़ गए। वह डर से वहीं रुक गए। इसी बीच पीछे से अन्य राहगीर भी वहां पहुंच गए। कुछ बच्चे कॉलोनी की ओर लौट गए जबकि बाकी वहीं रुके रहे। कुछ देर बाद बाघ जंगल के अंदर चला गया। तब बच्चों ने जंगल पार किया और स्कूल पहुंचे और स्टाफ को घटना की जानकारी दी।
जंगल मार्ग से ही स्कूल जाना पड़ता है। बाघ देखकर हम सब डर गए। सब साथ में थे। इसलिए हिम्मत बंधी रही। पहले भी एक दो बार बाघ दिखाई दिया था। हम लोग झुंड के रूप में ही जंगल को पार करते हैं। - सूरत विश्वास
जंगल मार्ग की स्थिति जर्जर है। साइकिल को तेज गति से निकालना भी मुश्किल होता है। काफी दूरी से ही बाघ पर नजर पड़ गई, पीछे से अन्य लोग भी आ गए, वरना खतरा हो सकता था - साक्षी
जंगल क्षेत्र में बाघ समेत अन्य वन्यजीव मार्ग को पार करते रहते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जागरूकता बोर्ड भी लगवाए गए है। बच्चों को भी झुंड के रूप में निकलने को कहा गया है। - राम जी, रेंजर, माला रेंज