कलीनगर। वन एवं वन्यजीव प्रभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से शनिवार को गोमती उद्गम स्थल परिसर में मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वन विभाग के साथ-साथ कृषि, राजस्व, पुलिस, पंचायत एवं विकास, सिंचाई, विद्युत विभाग, ग्राम प्रधान, बाघ मित्र सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएफओ भरत कुमार डीके ने कहा कि हाथियों से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। बाघ मित्रों, ग्राम प्रधानों एवं ईको-विकास समितियों के प्रतिनिधियों को सशक्त बनाकर मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं और इस तरह की कार्यशालाएं संघर्ष को कम करने में कारगर साबित होंगी। सदर तहसीलदार अर्ची गुप्ता ने भी अपने विचार रखे। वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने तराई एलिफेंट रिजर्व, हाथियों के व्यवहार, प्राकृतिक आवास, कॉरिडोर तथा दीर्घकालिक और अल्पकालिक उपायों की जानकारी दी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने वन्यजीवों से होने वाली जन-धन क्षति की मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी दी। इस दौरान प्रधान व अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद