पूरनपुर। धान के साथ गन्ने में भी किसान खाद डाल रहे हैं। समितियों में खाद का टोटा तो नहीं, लेकिन एक बार समिति से खाद लेने के बाद दोबारा पहुंचने वाले किसानों को 40 दिन बाद आने की बात कहकर टरकाया जा रहा है। हालांकि किसानों को 30 दिन बाद भी दोबारा खाद दी जा सकती है।
खाद न मिलने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वे समितियों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। हालांकि अफसर किसान के परिवार के दूसरे सदस्य के खतौनी व आधार लेकर पहुंचने पर खाद देने की बात कह रहे हैं।
पिपरिया दुलई सहकारी सीमित से कुछ दिन पहले यूरिया ली थी। दोबारा यूरिया देने से यह कहकर मना कर दिया कि अब 40 दिन बाद ही दोबारा मिलेगी। -जसवीर सिंह
दुधियाखुर्द समिति से खाद ली थी। दो दिन पहले दोबारा खाद लेने समिति पहुंचा, तब अगले महीने खाद मिलने की जानकारी देकर लौटा दिया गया।- मनवीर सिंह, दुधिया खुर्द।
किसानों को पीओएस मशीन से खाद का वितरण कराया जाता है। खाद लेने वाले किसानों की ऑनलाइन सूची रहती है। अक्सर बड़े फार्मर एक बार खाद लेने के कुछ दिन बाद ही दोबारा समितियों पर पहुंचते है। एक किसान को 30 दिन बाद खाद दी जा सकती है। किसान के परिवार के दूसरे सदस्य के खतौनी, आधार कार्ड लेकर पहुंचने पर खाद दी जा सकती है।
- प्रदीप कुमार, एआर सहकारिता
मनवीर सिंह