पीलीभीत। असम हाईवे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के कार्य में रोड़ा बन रही असम हाईवे चौकी को आखिरकार ध्वस्त कर दिया गया। चौकी को चौराहे के दूसरी ओर बने अस्थायी पिकेट में शिफ्ट किया गया है। वहीं, पुलिस चौकी हटने से अब ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी आएगी।
शहर के असम हाईवे चौराहे पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए 650 मीटर लंबाई का ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। दिसंबर 2022 में आगरा की कार्यदायी संस्था ने इसका काम शुरू किया। लेकिन, लंबा समय बीतने बाद भी अभी 70 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका। इसके पीछे ओवरब्रिज के दायरे में कई बाधाएं आ रहीं थीं। इसमें असम हाईवे चौकी भी शामिल थी।
कार्यदायी संस्था की ओर से चौकी को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए चौराहे के सामने ही अस्थायी पिकेट भी बनाया गया। एक माह पूर्व चौकी पर खड़े कंडम वाहनों को टाइगर तिराहे के पास ले जाकर शिफ्ट भी करवा दिया गया था, लेकिन चौकी शिफ्ट नहीं हो सकी थी। इससे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य सुस्त पड़ा था। एक सप्ताह पूर्व अमर उजाला ने ओवरब्रिज निर्माण की रफ्तार में पुलिस चौकी बनी रोड़ा शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद संबंधित विभाग के अफसर गंभीर हुए। चौकी को शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज की गई। मंगलवार को चौकी को अस्थायी पिकेट में शिफ्ट करने के बाद पुरानी चौकी को जेसीबी की मदद से ध्वस्त करा दिया गया। इससे लंबे समय से सुस्त पड़ी ओवरब्रिज निर्माण की गति के तेज होने की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रोजेक्ट हेड तरुण बनर्जी ने बताया कि अस्थायी पिकेट में चौकी शिफ्ट हो गई है। इसके चलते ओवरब्रिज के दायरे में आ रही पुरानी चौकी को ध्वस्त करा दिया गया है। गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए कार्य की गति को तेज कराया जा रहा है।
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बिजली खंभों की शिफ्टिंग कार्य भी तेज
ओवरब्रिज निर्माण की रफ्तार में बिजली के खंभे भी रोड़े बन थे। निर्माण के दायरे में आ रहे 21 खंभों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज की गई। इनमें से सात खंभों को शिफ्ट करा दिया गया। प्रोजेक्ट हेड ने बताया कि शेष खंभों को भी शिफ्ट कराया जा रहा है। दो दिन में खंभों को शिफ्ट करने का कार्य भी पूरा हो जाएगा।
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असम चौराहे से रोजाना गुजरते हैं 10 हजार से अधिक वाहन
शहर के असम चौराहे पर यातायात का दबाव भी अधिक रहता है। रोजाना 10 से अधिक छोटे-बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं। ओवरब्रिज निर्माण की वजह से वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। धूल की समस्या भी रहती है। मलबा और निर्माण सामग्री की वजह से चौराहा काफी संकरा हो गया है। अब चौकी और खंभों के शिफ्ट होने से कार्य की रफ्तार तेज होने का दावा किया जा रहा है।