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बिलसंडा में एक और फर्जी अस्पताल पकड़ा, न पंजीकरण मिला न डॉक्टर

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अवैध रूप से संचालित अस्पताल की शिकायत पर पहुंचे नायब तहसीलदार व सीएचसी अधीक्षक। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत/ बिलसंडा। धनवंतरि हेल्थ केयर अस्पताल पर कार्रवाई के बाद अब बिलसंडा क्षेत्र में सिद्धि विनायक अस्पताल पर कार्रवाई हुई है। ये अस्पताल भी अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। अस्पताल संचालक न पंजीकरण दिखा पाए और न मौके पर डॉक्टर मिले। अधिकारियों ने रिपोर्ट सीएमओ को भेजी दी है। हालांकि अभी अस्पताल को सील नहीं किया गया है। सीएमओ का कहना है कि बुधवार को अस्पताल सील कराया जाएगा।
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बीसलपुर मार्ग पर गांव चारखौले वाली पुलिया पर सिद्धिविनायक अस्पताल संचालित है। चरखौला के रहने वाले प्यारेलाल ने जन सुनवाई पोर्टल पर पिछले दिनों अस्पताल को लेकर शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि सिद्धिविनायक अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहा है। अस्पताल का न तो पंजीकरण है और न ही यहां डॉक्टर बैठते हैं। उसके बावजूद यहां आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए भर्ती कराया जाता है। सर्जन डॉक्टर न होने के बावजूद उनके ऑपरेशन किए जाते हैं जिससे जच्चा-बच्चा को खतरा रहता है। मरीजों से मोटी रकम भी वसूली जाती है। मंगलवार को नायब तहसीलदार हरीशंकर पटेल, सीएचसी अधीक्षक डॉ श्रीराम, एसओ अचल कुमार और लेखपाल गौरव मिश्रा टीम के साथ जांच के लिए अस्पताल पहुंचे। यहां मौजूद कर्मचारियों से अस्पताल के अभिलेख मांगे और डॉक्टरों के बारे में पूछा। वह अभिलेख नहीं दिखा पाए और न ही डाक्टरों के बारे में जानकारी दे सके।
नायब तहसीलदार ने मौजूद कर्मचारियों के लिखित रूप से बयान दर्ज किए। सीएचसी अधीक्षक डॉ श्रीराम ने बताया कि अस्पताल की शिकायत मिलने पर जांच की गई । कर्मचारियों के बयान लेकर जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। अधिकारियों के अग्रिम आदेश के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल सील करने से क्यों बचे अधिकारी
पिछले दिनों बिलसंडा में ही धनवंतरि नर्सिंग होम पर कार्रवाई हुई थी। अस्पताल का पंजीकरण नहीं था और डॉक्टर भी नहीं मिले। अधिकारियों ने अस्पताल सील कर दिया। इस अस्पताल के करीब सौ मीटर दूर स्थित सिद्धिविनायक अस्पताल है और यहां भी धनवंतरि जैसे हालात मिले, लेकिन अधिकारी यहां सील करने की कार्रवाई से बचे। उनका तर्क था कि उच्चाधिकारी इसपर कार्रवाई करेंगे। इस बाबत जब सीएमओ से बात की तो उन्होंने हैरानी जताई। बोले कि सील करने की कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि बुधवार को टीम भेजकर अस्पताल सील कराया जाएगा और संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की शह पर चल रहे अवैध अस्पताल
अवैध अस्पताल का खेल सिर्फ बिलसंडा ही नहीं बल्कि पूरे जिलें में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से अवैध अस्पताल खुल रहे हैं। बिलसंडा में ही अभी दो अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर संचालकों से मोटा पैसा वसूलते हैं। अगर पूरे जिले में छापामार कार्रवाई हो तो ऐसे अस्पतालों की संख्या दर्जनों में निकलेगी। सीएमओ का कहना है कि जिनकी शिकायत मिलती है उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाती है।
जन सुनवाई केंद्र पर शिकायत के बाद बिलसंडा के सिद्धि विनायक अस्पताल में जांच टीम भेजी थी। अस्पताल संचालक पंजीकरण नहीं दिखा पाए। आख्या रिपोर्ट आ गई है। बुधवार को अस्पताल सील कराया जाएगा।
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- डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ
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