बीसलपुर। विभागीय अनदेखी के चलते कस्बा दियोरिया का पशु सेवा केंद्र पिछले 12 वर्षों से बंद है। इस वजह से पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में काफी दिक्कत होती है।
दियोरिया के प्रधान अजय सिंह ने बताया कि उनके यहां के पशु सेवा केंद्र के प्रभारी दिनेश सक्सेना का तबादला 12 वर्ष पूर्व चंदपुरा हो गया था। विभागीय उच्च अधिकारियों ने उन्हें कार्यमुक्त तो उसी समय कर दिया था, लेकिन उनके स्थान पर अब तक किसी नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई है। इस वजह से केंद्र बंद पड़ा है।
केंद्र बंद होने के कारण क्षेत्रीय पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में काफी दिक्कत हो रही है। मजबूरी में पशुपालकों को झोलाछाप की शरण में जाना पड़ रहा है। झोलाछाप पशुपालकों से काफी पैसे भी वसूल करते हैं और उनके उपचार से पशुओं के जीवन का खतरा भी बना रहता है।
इन गांवों के पशुपालकों को हो रही दिक्कत
गोपालपुर, बसेंगा, खरदाई, रामनगर, जगतपुर, आम डंडा, दियोहना, जयनगर, पैनीया हिम्मत, पट्टी, माधवपुर, बलदेवपुर, खरदहा, वसई पुरैना, रमभोजा, मीरपुर रतनपुर, जादोपुर, अजान, मकरंदापुर आदि गांवों के किसानों को दिक्कत होती है।
बड़ागांव पशु अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को दियोरिया क्षेत्र के बीमार पशुओं का उपचार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। प्रभारी न होने के कारण उनके क्षेत्र के नौगवां संतोष और भदेंगकंजा के पशु सेवा केंद्र भी वर्षों से बंद पड़े हैं। - डॉ. जगदेव सिंह,पशु चिकित्सा अधिकारी, बिलसंडा