फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: आंगनबाड़ी लाभार्थियों को अब फेस कैप्चरिंग से मिलेगा पौष्टिक आहार

विज्ञापन
एप पर लाभार्थी का फेस कैप्चर करती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। स्रोत विभाग
विज्ञापन
पीलीभीत। आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवतियों और बच्चों को मिलने वाला पुष्टाहार अब ज्यादा पारदर्शी ढंग से वितरित होगा। इसके लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। बाल विकास विभाग ने पोषण ट्रैकर एप लॉन्च किया है, जिसमें बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिये लाभार्थी के चेहरे का सत्यापन होगा। बाद में पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसके बाद पुष्टाहार मिलेगा। जिले में इस प्रक्रिया पर तेजी से अमल शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन

जिले में 1960 आंगनबाड़ी केंद्रों से हर महीने गर्भवतियों समेत करीब 1.31 लाख पांच वर्ष तक के बच्चों को पुष्टाहार का वितरण किया जाता है। प्रत्येक बच्चे को 1.5 किलो गेहूं व दलिया, 1.5 किलो चावल, 2 किलो चना और 500 ग्राम सोयाबीन का तेल व अन्य खाद्य सामग्री बांटी जाती है।
गर्भवती महिला को यह सामग्री एक किलो के हिसाब से मिलती है। बाल विकास विभाग पुष्टाहार वितरण में धांधली रोकने के लिए लाभार्थियों का पोषण ट्रैकर एप पर पंजीकरण करा रहा है। जिले में करीब 25 प्रतिशत लाभार्थियों के मोबाइल का सत्यापन हो चुका है। शेष लाभार्थियों के मोबाइल सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। इनके शत-प्रतिशत आधार फीडिंग को लेकर कवायद चल रही है।
विज्ञापन

डीपीओ युगल सनगुड़ी के अनुसार, नई व्यवस्था में उन्हीं लाभार्थियों को पोषाहार दिया जाएगा, जो पोषण ट्रैकर एप पर पंजीकृत होंगे। लाभार्थी के चेहरे का सत्यापन होने के बाद पंजीकृत मोबाइल पर मैसेज जाएगा। बाद में लाभार्थी को पोषाहार मिलेगा। इस व्यवस्था से लाभार्थी के नाम पर फर्जी तरीके से पोषाहार का वितरण दिखाने के चल रहे खेल पर लगाम लग सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें