सीमावर्ती गांव गभिया सहराई में चौपाल लगाकर जागरूक करतीं एएचटीयू की टीम। संवाद
कलीनगर। सीमावर्ती क्षेत्र में मानव तस्करी, बालश्रम और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए रविवार को एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की टीम ने जागरूकता अभियान चलाया। लोगों से जरूरी जानकारियां साझा कीं।
नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में बच्चों को तस्करों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए एएचटीयू की टीम जागरूकता अभियान चला रही है। टीम के सदस्यों ने कहा कि मानव तस्करी को दुनिया का सबसे बड़ा अपराध माना जाता है। जनपद की सीमा नेपाल से मिली हुई है। पूर्व में भारत-नेपाल के अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों में यह मुद्दा हमेशा उठता रहता है।
इसको रोकने के लिए माधोटांडा के सीमावर्ती गांव नौजल्हा, गभिया सहराई में रविवार को एएचटीयू की टीम ने क्षेत्रीय पुलिस और एसएसबी के साथ लोगों को जागरूक किया। इस दौरान बताया गया कि मानव तस्कर किसी गरीब परिवार के लोगों को बच्चों को अच्छा रोजगार और बेहतर जीवन स्तर का झांसा देकर फंसाते हैं। लोग अपने बच्चों को उन्हें सौंप देते हैं।
इस अपराध पर लगाम लगाने के लिए आमजन का जागरूक होना जरूरी है। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्र में कार्य करने वाली एक संस्था, एसएसबी और सीमावर्ती थाने की पुलिस के अलावा पुलिस की स्पेशल टीम एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) लोगों को जागरूक कर रही है। इस मौके पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी राजीव शर्मा, एसओ अचल कुमार समेत अफसर मौजूद रहे।