पीलीभीत। मुस्लिम समाज में नमाज और रोजे की तरह हज भी फर्ज है। कोरोना के चलते पिछले दो साल से हज यात्रा नहीं हो सकी। इस बार लोगों का पैगंबर साहब के रौजे के दीदार करने का सपना पूरा होगा। हजयात्रा के लिए जिले से 45 लोगों का चयन हुआ है।
हज यात्रा के लिए जिले से 61 लोगों ने आवेदन किया था। सऊदी सरकार ने कोरोना के चलते पिछले दो साल से यात्रा पर रोक लगा रखी थी। इस बार कोरोना गाइडलाइन के साथ यात्रा की अनुमति दी गई है। हालांकि 65 साल से ऊपर और बच्चों को अब भी अनुमति नहीं मिली है। यही वजह रही कि इस बार महज 45 लोगों का चयन किया गया।
वैसे अमूमन जिले से करीब दो सौ लोग हजयात्रा पर जाते थे। शुक्रवार को चयनित लोगों की सूची जारी की गई। 31 मई से 16 जून तक फ्लाइट का शेड्यूल रखा गया है। वापसी 14 जुलाई से शुरू हो जाएगी और 13 अगस्त तक सभी यात्रियों की वापसी हो जाएगी।
23 को लगेगा प्रशिक्षण शिविर - हज यात्रा से जुड़ी तमाम जानकारी देने के लिए 23 मई को प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें हज के दौरान पूरे किए जाने वाले अरकानों की जानकारी दी जाएगी। हाफिज हाजी अखलाक अहमद और हाजी ताजुद्दीन ने बताया कि 23 को सुबह नौ बजे से प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। इसमें हज से जुड़ी सारी जानकारी तफ्सील से दी जाएगी।