माधोटांडा पीलीभीत जंगल मार्ग पर बनाए गए स्पीड ब्रेकर। संवाद
पीलीभीत। जंगल मार्गों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर लगाने का काम शुरू हो गया है। पूर्व में तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से वन्यजीवों की मौत की कई घटनाओं के बाद डीएम ने जंगल मार्गों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के उपाय करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में माधोटांडा-पीलीभीत और खटीमा मार्ग पर वन्यजीव बहुल क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर लगाए जा रहे हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ समेत अन्य वन्यजीव काफी संख्या में हैं। जंगल के बीच से गुजरने वाले मार्गों पर वन्यजीवों की मौजूदगी भी बनी रहती है। सबसे अधिक चहलकदमी माधोटांडा-पीलीभीत जंगल मार्ग के अलावा खटीमा जंगल मार्ग पर है।
सुरक्षा के लिहाज से जंगल क्षेत्र में 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से वाहनों की आवाजाही पर जोर दिया जाता है। जगह-जगह सूचना बोर्ड भी लगवाए गए हैं, लेकिन नियमों पर अमल न होने से वन्यजीवों की सुरक्षा पर खतरा मंडराता जा रहा है।
पूर्व में वाहनों की चपेट में आने से तेंदुए, उसके शावक, हिरन समेत अन्य वन्यजीवों की मौत की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। बीते दिनों सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम संजय कुमार सिंह जंगल मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए थे। साथ ही गति पर नियंत्रण और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए भी कहा था।
डीएम के आदेश के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से जंगल क्षेत्र में सड़क पर ब्रेकर बनाने का काम तेज कर दिया गया है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि स्पीड ब्रेकर के साथ ही जंगल क्षेत्र में वाहनों की गति नियंत्रित रखने को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है।