पीलीभीत। बरेली- सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद भी किसानों को अब तक 50 करोड़ का मुआवजा नहीं मिल सका है। ये किसान संबंधित अधिकारी के यहां चक्कर काट रहे हैं। जिम्मेदार पत्रावली को चेक करने के बाद जल्द मुआवजे का भुगतान करने का आश्वासन दे रहे हैं।
बरेली-सितारगंज हाईवे के निर्माण को वर्ष 2022-23 में मंजूरी मिली थी। इसके लिए सदर और अमरिया तहसील के 28 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना था। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजे के लिए पत्रावलियों का सत्यापन किया गया था। जनवरी से पहले पीलीभीत की दोनों तहसीलों के किसानों को मुआवजे का भुगतान बरेली से ही किया जा रहा था।
जनवरी से जिले से ही भूमि अध्याप्ति अधिकारी नामित करते हुए मुआवजा देना शुरू किया गया। लोकसभा चुनाव के कारण बीच में मामला ठप रहा। चुनाव के बाद फिर तेजी से काम शुरू किया गया। जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी विजयवर्धन तोमर ने बताया कि सदर तहसील के छह गांवों के किसानों की 29 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसका 53 करोड़ मुआवजा बना था। इसमें 49 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है। अमरिया तहसील के 22 गांवों में 63 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसका 166 करोड़ रुपये मुआवजा हुआ था। इसके सापेक्ष 120 करोड़ दे दिया गया है। शेष राशि को देने की प्रक्रिया चल रही है।
अखबार के माध्यम से जानकारी हुई है। फिलहाल शासन की ओर से अभी कोई दिशा निर्देश नहीं आया है। यदि शासन की ओर से कोई निर्देश आता है, तो मामले में जांच कराई जाएगी।
- संजय कुमार सिंह, जिला अधिकारी पीलीभीत