पूरनपुर क्षेत्र के गांव खिरकिया बरगदिया में प्रदर्शन करते बाढ़ और कटान पीड़ित।स्रोत:प्रदर्शनका
पूरनपुर। गांव खिरकिया बरगदिया के कटान और बाढ़ पीड़ितों ने बाढ़-कटान से हुए नुकसान का सर्वे शुरू न होने, मुआवजा न मिलने के विरोध में मंगलवार से पांच दिवसीय धरना शुरू किया। इस दौरान समस्याओं का समाधान न होने पर शीघ्र ही तहसील मुख्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी गई।
शारदा नदी हर साल क्षेत्र में तबाही मचाती है। गांव चंदिया हजारा के समीप 18 करोड़ की लागत से नदी में चेनेलाइजेशन का कार्य और गांव किनारे तटबंध बनाया गया। मगर इसके बाद भी नदी में इस बार भी जमकर तबाही मचाई। गांव खिरकिया बरगदिया के कई किसानों की खेतों में लहलहाती फसलें नदी में समा गईं।
ध्रुव कॉलोनी में तीन से चार फुट तक जलभराव होने से दो दिन के लिए लोगों को कॉलोनी छोड़नी पड़ी। नदी अब भी गांव खिरकिया बरगदिया के समीप तेजी से भूकटान कर रही है। इसी क्रम में बाढ़, कटान पीड़ितों ने नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने आदि की मांग को लेकर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर अफसरों को ज्ञापन दिया था।
समस्याओं का समाधान न होने पर मंगलवार से गांव खिरकिया बरगदिया में मंदिर परिसर में पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बाढ़, कटान में फसलों और जमीन के नदी में समाने पर उसका सर्वे करकर मुआवजा दिलाने, कटान और बाढ़ से बचाने के लिए तटबंध बनवाने, ग्राम पंचायत खिरकिया बरगदिया के लोगों को ग्राम पंचायत ढक्काचांट मेंं सुरक्षित बसाने की मांग की गई।
साथ ही समस्याओं का समाधान न होने पर तहसील मुख्यालय पर धरना शुरू करने की चेतावनी दी। अखिल भारतीय किसान महासभा के अफरोज आलम, नगीना राम, प्रहलाद, आदर्श वर्मा, देवाशीष आदि ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया और जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन छेड़ने का आश्वासन दिया।