- अभिनेता हेमंत बिरजे किसान एवं सांस्कृतिक महोत्सव में पूरनपुर पहुंचे
- बोले, पुरानी फिल्मों की कहानी और गाने आज भी बने हुए हैं यादगार
वीरांगना, कमांडो, टारजन आदि फिल्मों के अभिनेता हेमंत बिरजे ने कहा कि बगैर ग्राफिक के नेच्युरल पुरानी फिल्में आज भी यादगार बनी हुई हैं। कहानी और गाने पुरानी फिल्मों के अच्छे होते थे। इसी वजह से पुरानी फिल्मों के गाने आज भी लोग गुनगुनाते मिल जाएंगे। आधुनिक टेक्नालॉजी में ग्राफिक्स के बाद भी फिल्मों मेें अब पहले जैसा आनंद नहीं आ रहा है। लोग बाग मात्र कुछ दिन ही फिल्मों और गानों को याद रख पा रहे हैं।
नगर में चल रहे अखिल भारतीय किसान एवं सांस्कृतिक महोत्सव समारोह में भाग लेने नगर पहुंचे बिरजे ने कहा कि आर्टिस्टों को अब आधुनिक तकनीक के युग में रोल में उतनी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता, जितना तीन-चार दशक पहले करना पड़ता था। पुरानी फिल्में बगैर ग्राफिक्स के बनती थीं, लेकिन उनकी स्टोरी और गाने यादगार हुआ करते थे। अब ग्राफिक्स से बनने वाली फिल्में उतनी नेच्युरल नहीं लगतीं। यही वजह है कि पुरानी फिल्मों के गाने आज भी लोग पसंद करते हैं। नई फिल्मों को देखने के बाद मात्र कुछ दिन ही लोग याद रख पा रहे हैं। मूलत: पूना निवासी हेमंत बिरजे बताते हैं कि वे किसान के बेटे हैं। किसानों से उनको खासा लगाव है। मर्दानगी फिल्म में उन्होंने किसान का रोल किया। उन्होंने खुद खेतों में हल चलाया है। उनका कहना है कि जब किसान खुश होगा, तब आम लोग खुश होंगे। इसी को लेकर समारोह में किसानों के साथ समय को साझा करने को आए हैं।