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आखिर दिल्ली वालों से कैसे सुरक्षित रहेगा शहरः दिल्ली से आने वालों को ट्रेस करने के इंतजाम स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं

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सूचना मिलने पर ही हो सकेगी कोरोना संक्रमण की जांच
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अब तक दिल्ली से आने वाले 13 लोगों की ही हो सकी है जांच
पीलीभीत। दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट जारी करते हुए बाहर से आने वालों की सैंपलिंग करने के निर्देश दिए हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग के पास दिल्ली से आने वालों को ट्रेस करने के इंतजाम नहीं हैं। इसी कारण रोडवेज और प्राइवेट वाहनों से आने वालों की निगरानी ढंग से नहीं हो पा रही है। सिर्फ फोन पर मिलने वाली सूचना पर ही दौड़भाग कर विभाग औपचारिकता निभा रहा है।
दिवाली और भैया दूज के बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है। हाल ही में वहां दस हजार संक्रमित निकलने पर शासन में खलबली मच गई। शासन ने सीएमओ को निर्देश दिए थे कि दिल्ली से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कोरोना जांच होनी चाहिए। बिना जांच कराए वह किसी के संपर्क में न आएं। शासन से निर्देश मिलने के बाद अलर्ट तो जारी कर दिया गया, मगर इंतजाम नहीं हो सके। सिर्फ सर्विलांस टीम और किसी तरह सूचना मिलने पर ही टीम एक्टिव होती है। दिल्ली और अन्य राज्यों से आने वालों लोगों का पता लगाना ही चुनौती बना है।
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स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों के मुताबिक, 18 नवंबर से 21 नवंबर तक सिर्फ 13 लोगों के सैंपल लिए गए थे, जबकि त्योहारी सीजन में दिल्ली से ही नहीं बल्कि हरियाणा, ग्वालियर, जयपुर, मुंबई समेत कई इलाकों से रोडवेज और निजी वाहनों से भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। मगर स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस और रैपिड रिस्पांस टीम को भनक तक नहीं लगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो रोडवेज पर कोई टीम लगाई गई, न ही यात्रियों का पता लगाने के प्रयास किए गए। अगर आसपास के लोगों ने बाहर से आने वाले व्यक्ति की सूचना दे दी, तो भी टीम सैंपल लेने के लिए नहीं पहुंचती है। सिर्फ पुराने जिला अस्पताल और सीएचसी पीएचसी पर होने वाली सैंपलिंग की रिपोर्ट ही शासन को भेजकर आंकड़ों को पूरा किया जा रहा। ऐसे में दिल्ली से आने वाले लोग जिले में कब कोरोना बढ़ा दें, कहा नहीं जा सकता।
रोडवेज और बार्डर पर भी नहीं हो रही निगरानी
कोरोना संक्रमण फैलने के बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग को दिल्ली से आने वालों की निगरानी करने के निर्देश दिए थे। मगर स्वास्थ्य विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रहा है। धरातल पर न तो बार्डर पर चेकिंग कराई जा रही है। न ही रोडवेज स्टैंड पर टीम को लगाया गया है। ऐसे में लोग बिना जांच कराए ही अपने घरों को पहुंच गए। इसी कारण कोरोना ने धीरे-धीरे जनपद में पैर पसराना शुरू कर दिए। त्योहारी सीजन निपटने के बाद एक नवंबर से 18 नवंबर तक 157 केस निकल चुके है। शनिवार को भी कोरोना के 10 केस निकले हैं।
सैंपलिंग करने नहीं पहुंचती है टीम
दिल्ली में कोरोना संक्रमण फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग संजीदा हो या न हो। मगर शहरवासी इसको लेकर काफी चिंतित हैं। दो दिन पहले हरियाणा और दिल्ली से कुछ लोग मोहल्ला खकरा में रिश्तेदारी और परिवार में पहुंचे थे। जब मोहल्ले को जानकारी हुई तो उन्होंने मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी, मगर इसके बावजूद सैंपल लेने के लिए कोई भी टीम नहीं पहुंची।
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दिल्ली से आने वाले लोगों की सैंपलिंग को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। टीमों को अब रोडवेज पर बैठने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बाहर से आने वाले लोगों की सैंपलिंग कराई जा सके। सर्विलांस टीमें बाहर से आने वालों पर नजर बनाए हुए है। -डॉ. सीएम चतुर्वेदी, कोविड नोडल अफसर
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