पीलीभीत। होली पर मिलावट के खेल को लेकर अमर उजाला द्वारा कई बार होशियार किए जाने के बाद छापों का शुरू हुए अभियान ने मंगलवार को तेजी पकड़ी। एफएसडीए (फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) टीम ने कई स्थानों पर छापे मारे। 370 किलो रंगीन कचरी को सील करने के साथ ही खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। टीम की कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा।
अभिहीत अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि पूरनपुर की छत्रपति शिवाजी कॉलोनी में श्यामलाल की फर्म से रंगीन कचरी का नमूना लिया गया। यहां पर 370 किलो रंगीन कचरी को सील कर जब्त किया गया। बीसलपुर के मोहल्ला बख्तावरलाल में संजीव गुप्ता की दुकान से गर्म मसाले का नमूना लिया गया। मोहल्ला कुंवरगढ़ में मनोज की दुकान से बूंदी का नमूना लिया गया। यहां से 10 किलो बूंदी नष्ट कराई गई। रेलवे स्टेशन रोड पर मोहल्ला सुनगढ़ी में संजीव मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया गया, यहां पर गंदगी मिली। ढक्कनदार कूड़ेदान भी प्रतिष्ठान में नहीं थे। खाद्य पदार्थ खुले रखे हुए थे। पांच किलो छेना रसगुल्ला, छह लीटर कोल्ड ड्रिंक खराब मिलने पर फिंकवाई गई। इसके अलावा नानक स्वीट्स के निरीक्षण में भी खामियां मिलीं। यहां से पांच किलो छेना रसगुल्ला, पांच किलो चमचम खराब मिलने पर उसे फिंकवा दिया है।
कचरी में इस तरह की जा रही है मिलावट
कचरी को चमकदार और आकर्षित बनाने के लिए अखाद्य रंग, टाटरी और अन्य केमिकल मिलाए जाते हैं। ये सब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। आमतौर पर कचरी चावल कनकी से बने आटे से तैयार होती है, लेकिन मिलावटखोरों ने आटे के अलावा अन्य पदार्थ भी मिलाना शुरू कर दिए। मशीनों से तैयार की गई कचरी व अन्य चीजों पर सेलखड़ी लगाई जाती है, यह कचरी छूते ही सफेदी हाथों पर आ जाती है। कचरी को नमकीन और तीखा बनाने के लिए इसमें घटिया नमक और मिर्च का पाउडर भी मिलाया जाता है।