पीलीभीत। निजी स्कूलों की ओर से महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें थोपने के आरोपों पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर डीआईओएस ने जांच कमेटी गठित की है। यह टीम स्कूलों में जाकर किताबों का सत्यापन करेगी।
बरखेड़ा ब्लॉक के बढ़ेपुरा की छात्रा शीतल ने शिकायत कर बताया कि कई निजी विद्यालय एनसीईआरटी की सस्ती किताबों के बजाय महंगी निजी पुस्तकों के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाते हैं। इससे मध्यम व निम्न वर्ग के परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। साथ ही हर साल किताबें बदलने से पुरानी पुस्तकें भी अनुपयोगी हो जाती हैं। शिकायत को डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने गंभीरता से लिया। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस राजीव कुमार सिंह ने तहसील स्तर पर समिति बनाई है। टीम में शिक्षकों को शामिल किया गया है, जो स्कूलों में जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे। डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि अनियमितता मिलने पर संबंधित विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवाद