उड़रा बिजटी मार्ग के फरीदपुर में शामली नदी पर शुरू हुआ काम
लगभग तीन माह में बनकर तैयार होने वाले पुल में आएगी 60 लाख रुपये की लागत
यूपी उत्तराखंड के बॉर्डर पर बहने वाली शामली नदी पर कारसेवा से पुल का निर्माण कराया जाएगा। 60 लाख की लागत से बनने वाले इस पुल का बुधवार को दिल्ली और नानकमत्ता गुरूद्वारे से आए संत बाबाओं ने संगत के सहयोग से इसका शुभारंभ किया।
अमरिया क्षेत्र के गांव उड़रा से उत्तराखंड के बिजटी जाने वाले मार्ग के बीच में शामली नदी बहती है जो भूड़ा के निकट कैलाश नदी में मिल जाती है। इस नदी पर कोई पुल न होने से आवागमन में दिक्कत होती है। क्षेत्र के लोगों ने कई बार यहां पुल बनवाने की मांग की लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। इस पर क्षेत्र की संगत ने नानकमत्ता गुरूद्वारा पहुंचकर बाबा तरसेम सिंह से मुलाकात कर कारसेवा से पुल बनवाने का प्रस्ताव रखा। संगत के प्रस्ताव पर बाबा तरसेम सिंह ने स्वीकृत प्रदान कर दी। बुधवार को दिल्ली के गुरूद्वारा बंगला साहिब के कारसेवा के मुखी (प्रमुख) बाबा वचन सिंह और आगरा के बाबा पाल सिंह नानकमत्ता गुरूद्वारे के बाबा तरसेम सिंह के साथ फरीदपुर गांव पहुंचें। यहां पाठ के बाद संत बाबाओं ने कारसेवा से पुल बनाने के कार्य का शुभारंभ किया। संत बाबाओं ने स्वयं भी कारसेवा की। बाबा तरसेम सिंह ने बताया कि पुल तीन माह में बनकर तैयार होगा जिसमें करीब 60 लाख रुपये की लागत आएगी। यह धनराशि संगत के सहयोग से एकत्र की जा रही है। इस मौके पर कुलदीप सिंह, बलजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, श्याम सिंह, सुखविंदर सिंह, जोगा सिंह, परगट सिंह, महेंद्र सिंह, जरनैल सिंह, काला सिंह, त्रिलोचन सिंह, लक्खा सिंह, भोला सिंह, करनैल सिंह, हरनेक सिंह, अजीत सिंह, परमिंदर सिंह, इकबाल सिंह, चैन सिंह सहित भारी संगत मौजूद रही।