पुलिस लाइन गेट पर एकत्र सिसईया गांव के लोग। स्रोत सोशल मीडिया
पीलीभीत। थाना बरखेड़ा में दर्ज मारपीट की प्राथमिकी को फर्जी बताते हुए ग्राम प्रधान समेत ग्रामीणों ने सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि रंजिशन उनका नाम प्राथमिकी में दर्ज कराया गया है, जबकि घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है। एसपी ने मामले में निष्पक्ष विवेचना के निर्देश दिए हैं।
थाना बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम सिसईया निवासी ग्राम प्रधान दिलीप कुमार के नेतृत्व में करीब 30 से ग्रामीण सोमवार सुबह पुलिस लाइन स्थित एसपी कार्यालय पहुंचे। शिकायतीपत्र में ग्रामीणों ने बताया कि गांव निवासी तौलेराम ने गांव की सार्वजनिक बंजर भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। इसी भूमि से गांव के पानी की निकासी होती है।
ग्रामीणों के अनुरोध पर गांव में पक्के नाले का निर्माण कराया जा रहा था, इसका तौलेराम ने विरोध किया। इस संबंध में ग्राम प्रधान दिलीप कुमार समेत ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को शिकायत दी थी, इसपर एसडीएम ने नाला निर्माण के आदेश जारी किए थे। इसी बात से नाराज होकर आरोपी पक्ष रंजिश मानने लगा।
ग्रामीणों का कहना है कि 29 जनवरी को ग्राम प्रधान दिलीप कुमार, उनके भाई सहित कुछ ग्रामीण ब्लॉक मरोरी में आयोजित बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां तौलेराम का गांव के कुछ अन्य लोगों से विवाद हो गया, जिसमें वह घायल हो गया। घटना का उनसे कोई संबंध नहीं था और पूरा घटनाक्रम वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद है। इसके बावजूद आरोपी पक्ष ने रंजिशन ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों का नाम लेकर थाना बरखेड़ा में मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया। एसपी अभिषेक यादव ने थाना बरखेड़ा पुलिस को निष्पक्ष विवेचना करने के निर्देश दिए हैं।