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Pilibhit News: डीआईओएस कार्यालय में हुए घोटाले में आशकारा की जमानत अर्जी दाखिल

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पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय के करोड़ों के घोटाले के मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी की परिचित और खाते में लेनदेन के आरोप में जेल गई आशकारा परवीन की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई। अधिवक्ता की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में अब मामले की 14 मई को सुनवाई होगी।
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डीआईओएस कार्यालय के चपरासी से बाबू बने इल्हाम शम्सी पर करोड़ों के सरकारी धन का गबन करने का आरोप लगा है। मामले में डीआईओएस की ओर से फरवरी माह में कोतवाली में इल्हाम और उसकी पत्नी पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद खातों के लेन-देन को ट्रेस किया। इसके बाद करीब आठ करोड़ का सरकारी धन को निज खातों में भेजने के मामले में इल्हाम की दो अन्य पत्नियों के अलावा सात महिलाओं को नामजद करते हुए दो दिन पूर्व कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा था। इस मामले में पूर्व में जेल गई इल्हाम की पत्नी लुबना, आशकारा के अलावा फातिमा नवी, परवीन खातून की जमानत अर्जी को न्यायालय ने खारिज कर दिया था। अब आरोपी पक्ष के अधिवक्ता की ओर से इस मामले की आशकारा परवीन की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई 14 मई को होगी। आशकारा परवीन पर करीब 38 लाख का गबन का आरोप है। संवाद
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इल्हाम के मोबाइल और लैपटॉप की जांच तेज, 67 खाताधारक रडार पर
पीलीभीत। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में हुए करोड़ों रुपये के गबन मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मुख्य आरोपी इल्हाम उर्रहमान शम्सी के मोबाइल फोन और लैपटॉप से पुलिस को अहम सुराग मिल रहे हैं। इनके आधार पर अब तक 67 संदिग्धों को ट्रेस किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इल्हाम ने गबन की रकम को ठिकाने लगाने के लिए न सिर्फ रिश्तेदारों, बल्कि 67 अन्य परिचितों के बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया। पुलिस इन सभी संदिग्धों की लोकेशन ट्रैक कर रही है और जल्द कार्रवाई की तैयारी में है। संवाद
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