अमरिया। करीब 10 दिन पूर्व काम करने गुजरात गए गांव कैमोर निवासी युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पोस्टमाॅर्टम के बाद शव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने पहले तो युवक की हत्या की आशंका जताई। बाद में उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस तहरीर मिलने पर जांच की बात कह रही है।
अमरिया के कैमोर गांव निवासी गजेंद्र ने बताया कि 29 मार्च को उसके बड़े भाई नेत्रपाल (32) पुत्र सोमपाल को गांव के ही बाबूराम व ठाकुरदास घर पर बिना बताए काम करने के लिए गुजरात लेकर गए थे। भाई का मोबाइल भी घर पर रह गया था। गुजरात जाते समय भाई ने बाबूराम के फोन से मां मोनदेई को इसकी सूचना दी थी। गुजरात पहुंचने पर भी नेत्रपाल ने मां को बताया था। बताया जा रहा है कि अगले ही दिन नेत्रपाल अपने साथियों से घर वापस आने की जिद करने लगा।
आरोप है कि साथियों ने उसे धमका कर रोक दिया। तीन मार्च को वह किसी तरह कमरे से निकलकर भाग गया। तलाश करने पर उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। छह मार्च को शहर से कुछ दूरी पर जंगल में उसका शव मिला। साथियों ने नेत्रपाल की मृत्यु की सूचना परिवार को दी। गुजरात पुलिस ने पोस्टमाॅर्टम कराने के बाद शव परिजनों को परिवार को सौंप दिया।
बुधवार की देर रात शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों ने नेत्रपाल की हत्या किए जाने की आशंका जताई। बाद में रात में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अमरिया थाना प्रभारी प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि जानकारी मिली है। तहरीर मिलने पर जांच और कार्रवाई की जाएगी।