पीलीभीत के घुंघचाई थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया मझरा में बुधवार देर रात आग लगने से किसानों की करीब 12 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। नरई व आठ झोपड़ी भी जल गईं। किसानों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बृहस्पतिवार को राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्वे और नुकसान का आंकलन किया। शीघ्र मुआवजा दिलाने की बात कही।
बताया जा रहा है कि खेत में ट्यूबवेल कनेक्शन के ट्रांसफार्मर के पास बिजली लाइन से निकली चिंगारी गेहूं के खेत में गिरी और आग पकड़ ली। आंधी की वजह से आग ने पास पड़ोस के खेतों को चपेट में ले लिया। आग से भगवान दीन, राम प्रसाद, मनप्रीत सिंह, हरजिंदर सिंह, सुरजन लाल, बाबूराम आदि किसानों की गेहूं की 12 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। हरजिंदर का 70 ट्रॉली भूसा जल गया। कई खेतों में भूसा बनाने को छोड़ी गई नरई भी जल गई।
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गांव निवासी भाकियू नेता कुलवंत सिंह सोनी ने बताया कि गांव के समीप तालाब किनारे आठ किसानों ने अपनी झोपड़ियां डाल रखी थीं। वे भी जलकर राख हो गईं। बृहस्पतिवार सुबह राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर जानकारी जुटाई। किसानों ने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि पिपरिया मजरा गांव में आग लगने की सूचना मिली थी। टीम को मौके पर भेजा गया है। किसानों को जल्द ही मुआवजा दिलाया जाएगा।
70 गांव के लिए फायर स्टेशन की सुविधा नहीं
घुंघचाई थाना क्षेत्र का दायरा काफी बड़ा है। 70 गांव व 24 ग्राम पंचायतें आती हैं। इसके बावजूद अब तक फायर स्टेशन की सुविधा नहीं मिल सकी। ऐसे में आग की घटनाओं पर समय रहते काबू पाने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आग की घटनाओं से प्रतिवर्ष लोगों को नुकसान होता है।