पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल रही डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) बनाने के लिए भूमि की तलाश अब पूरी हो गई है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य की ओर से जिला अस्पताल के पुराने इमरजेंसी वार्ड के बाहरी परिसर में बने 3300 वर्ग मीटर के अस्थायी भवन को तोड़कर डीईआईसी केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।
जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत 18 साल तक के बच्चे और किशोरों की जन्मजात बीमारियों का इलाज कराया जाता है। इनमें दिल में छेद, कटे होंठ व तालू, टेढ़ा पैर, थैलेसीमिया, दमा, सेरेब्रल पाल्सी, बोलने में देरी, शारीरिक विकलांगता सहित 35 बीमारियों का निशुल्क इलाज किया जाता है।
कार्यक्रम के तीसरे चरण में बच्चों के इलाज के लिए एनएचएम की ओर से पीलीभीत जिले में डीईआईसी केंद्र की स्थापना की जानी है। 6300 वर्ग मीटर में बनने वाले डीईआईसी केंद्र के लिए लंबे समय से भूमि की तलाश मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल परिसर में की जा रही थी।
अब इसके लिए जमीन चिह्नित की गई है। प्राचार्य की ओर से पुराने इमरजेंसी वार्ड के करीब 3300 वर्ग मीटर जमीन डीईआईसी केंद्र के दो मंजिला भवन के लिए प्रस्तावित की गई है। संवाद