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Pilibhit News: टनकपुर बाइपास के ग्रीन जोन में बन रहा ''कंंक्रीट का जंगल''

Sat, 25 Oct 2025 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत। शहर के बाहर से गुजरे पूरनपुर मार्ग से टनकपुर हाईवे के ग्रीन जोन पर कमाई का खेल शुरू हो गया है। रोक के बाद भी ग्रीन जोन के निर्धारित दायरे में कंक्रीट का जंगल (भवनों का निर्माण) किया जा रहा है। विनियमित क्षेत्र और जिम्मेदार अफसर बेपरवाह हैं। हालांकि कुछ समय पहले कुछ लोगों को नोटिस दिए जाने का दावा भी विनियमित क्षेत्र ने किया है। मगर निर्माण पर रोक से मौन है। यही वजह है कि कुछ समय बाद अवैध निर्माण का शोर उठता है और प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में आती है।
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शहर से होकर टनकपुर हाईवे गुजरा है। इस वजह से वाहनों का दबाव अधिक और जाम की समस्या रहती है। इस समस्या के समाधान को पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग से शहर के बाहर से करीब 12 किमी लंबे बाइपास का निर्माण कराकर गांव सैदपुर के पास टनकपुर हाईवेे को जोड़ा गया है। इसका संचालन भी नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। बाइपास को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त रखने के लिए ग्रीन जोन का दायरा निर्धारित किया गया है। इस दायरे में पेड़-पौधों के अलावा अन्य किसी तरह के निर्माण पर रोक है। जबकि, यहां भवनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

सड़क के दोनों ओर है 30-30 मीटर का ग्रीन जोन
विनियमित क्षेत्र के जेई कृष्ण चंद्र ने बताया कि पूरनपुर बाइपास के किनारे सड़क के दोनोें ओर 30-30 मीटर का ग्रीन जोन है। इस जगह कोे खाली ही रखना है। निर्माण पर रोक है। पूर्व में की गई जांच में निर्माण मिलने पर कुछ लोगों को नोटिस भी दिया गया है। मगर कार्रवाई के बारे में नहीं बता सके। हालांकि उनका तर्क है कुछ स्थानों पर विनियमित क्षेत्र नहीं आता है।
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माधोटांडा मार्ग से मुड़ते ही दिखने लगते निर्माण
बाइपास निकलने के बाद से इस मार्ग के किनारे भवन निर्माण भी तेजी सेे बढ़े हैं। प्लॉटिंग और कालोनियां भी विकसित की जाने लगीं। जगह-जगह बोर्ड लगा दिए गए। साथ ही निर्माण कराने वालों की ग्रीन जोन के दायरे पर भी निगाहें हैं। पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग से बाइपास पर बनकटी की ओर मुड़ते ही भवन निर्माण नजर आते हैं। इनमें कुछ हाल ही में बने हैं। कुछ तो बाइपास से बमुश्किल 10 से 15 मीटर के दायरे में ही हैं। कुछ ने तो सड़क के फुटपाथ के समीप ही निर्माण सामग्री डाल रखी है, जबकि यह हिस्सा विनियमित क्षेत्र में आता है। शुक्रवार को भी बाइपास और माधोटांडा मार्ग के सटकर निर्माण होता दिखा।

अवैध कॉलोनियों पर चलने वाला बुलडोजर भी थमा
फरवरी में जिला प्रशासन ने शहर और जिले के नगर व कस्बों में मनमाने तरीके से नियमों की अनदेखी कर विकसित हो रही अवैध काॅलोनियों की जांच कराई। जिले में करीब 130 काॅलोनियां अवैध मिलीं। करीब 40 काॅलोनियों काे बुलडोजर से ढहाया गया। बाद में जांच के नाम पर बुलडोजर की चाल सुस्त और फिर बंद हो गई। जांच में विनियमित क्षेत्र में करीब 17 काॅलोनियां अवैध मिली थीं। इनमें 10 को ढहाया गया था।

बाइपास के ग्रीन जोन में निर्माण का मामला संज्ञान में आया है। पूर्व में कुछ को नोटिस भी दिया गया है। दो-तीन दिन में अभियान चलाकर ग्रीन जोन में अवैध निर्माण की जांच और ढहाए जाने की कार्रवाई की जााएगी।- विजय वर्धन ताेमर, सिटी मजिस्ट्रेट
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