पीलीभीत। दीवाली पर रेलमार्ग से घर जाने की तैयारी हो तो सावधानी बरतना जरूरी है। जंक्शन सहित छोटे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के माकूल इंतजामात नहीं हैं। आरपीएफ और जीआरपी में स्टॉफ की भारी कमी चल रही है। ऐसे मेें यात्रियों के जानमाल की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।
आदर्श जंक्शन से टनकपुर, शाहजहांपुर, बरेली रेल मार्ग पर बिजौरिया तक और मैलानी रेल मार्ग पर उत्तरी सेहरामऊ स्टेशनों के बीच करीब 36 छोटे स्टेशन आते हैं। इन स्टेशनों पर सुरक्षा के अलावा लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अक्सर इन स्टेशनों से यात्रियों का सामान चोरी होने की खबरें प्रकाश में आती रहती हैं। जीआरपी और आरपीएफ में बीते कई महीनों से स्टॉफ की भारी कमी चल रही है। जंक्शन पर जीआरपी में 42 कांस्टेबल, 5 हेडकांस्टेबल, दो एसआई और एक एसओ का पद स्वीकृत है। मौजूदा समय में यहां 23 कांस्टेबल, दो हेडकांस्टेबल, एक एसआई और एक एसओ ही हैं। पूरनपुर में जीआरपी में 10 कांस्टेबल होने चाहिए लेकिन वहां कोई कांस्टेबल नहीं है, ऐसे में जिला मुख्यालय से ही दो कांस्टेबलों को पूरनपुर जोड़कर काम चलाया जा रहा है। आरपीएफ में जिला मुख्यालय पर आठ, टनकपुर में तीन और शाहजहांपुर में दो सिपाहियों की कमी बनी हुई है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ की है। घटना रोकने के लिए उसी को माकूल सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए।
मोहम्मद इजराइल, स्टेशन अधीक्षक
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वर्जन
स्टॉफ की कमी है। छोटे स्टेशनों पर सुरक्षा की व्यवस्था की जा रही है। ट्रेनों में फोर्स बढ़ा दी गई है।
केशव सिंह, इंस्पेक्टर आरपीएफ