पीलीभीत। पिछले दस साल में ट्रेन डकैती, हत्या, लूट, जहरखुरानी आदि मामलों में शामिल रहे बदमाशों की जीआरपी कुंडली तैयार कर रही है, जिसके आधार पर यह जानकारी जुटाई जाएगी कि कितने बदमाशों ने जरायम की दुनिया को अलविदा कर दिया है और अभी कितने अपराध से जुड़े हुए हैं। जीआरपी का कहना है कि सूची तैयार कर जल्द ही एसपी जीआरपी के पास भेज दी जाएगी।
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में आपराधिक घटनाएं लगातार हो रही है। लिहाजा जीआरपी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पिछले दस साल के दौरान विभिन्न अपराधों में लिप्त रहे बदमाशों केबारे में यह पता लगाने की मुहिम शुरू की है। जिसके जरिये यह सूचना तैयार की जानी है कि कितने बदमाश ने आपराधिक जगत को बॉय-बॉय कर दिया है और कितने अभी भी इस काम में लगे हैं। इसके लिए जीआरपी ने सालों पुराने रजिस्टरों की धूल साफ करके बदमाशों की फेहरिस्त तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
हालांकि एसपी अमिताभ यश के यह निर्देश थे कि इस काम को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए, लेकिन अभी तक यह बदमाशों की सूची तैयार नहीं हो सकी है। यहां जीआरपी का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण बदमाशों की सूची तैयार करने में देरी हो गई है, लेकिन जल्द ही सूची एसपी को भेज दी जाएगी। जीआरपी एसओ तेज बहादुर सिंह ने बताया कि अभी यह सूची तैयार की जा रही है कि पिछले दस साल में कितने बदमाश अलग-अलग अपराधों में शामिल रहे हैं। इसके बाद मातहतों को भेज बदमाशों की मौजूदा हालत का पता लगाया जाएगा।