जिले के कई थानों में अर्से से तमाम सिपाही तैनात होने के कारण एसपी जवाहर ने सितंबर में पुलिस लाइंस में तैनात आर्म्स पुलिस के 17 एचसीपी, चार मुख्य आरक्षी और 47 सिपाहियों को सिविल पुलिस और थानों पर तैनात सिविल पुलिस के कुल 175 सिपाहियों को आर्म्स पुलिस में भेजा था। सीपी व एपी को मिलाकर करीब 35 फीसदी सिपाही थाने और पुलिस लाइंस से रिलीव हो गए, लेकिन राजनीतिक पकड़ रखने वाले मलाईदार थानों में तैनात सिपाहियों ने अपने आकाओं की परिक्रमा शुरू कर दी। कुछ थानेदारों ने कमाऊ पूत बने सिपाहियों की अधिकारियों से पैरवी कर फोर्स की कमी, तेज तर्रार होने आदि का बहाना बनाकर उन्हें रिलीव नहीं किया। थानेदारों की पैरवी और राजनीतिक आकाओं की सिफारिश के चलते 65 फीसदी सिपाही पांच महीने बाद भी रिलीव नहीं हो सके, जिससे एसपी का आदेश खाकी के स्टार और खादी के बीच फंसकर बेकार हो गया है।
आरआई महावीर सिंह ने बताया कि चुनाव आचार संहिता लगने के कारण सभी सिपाही रिलीव नहीं हो सके हैं। आचार संहिता हटते ही स्थानांतरित सभी सिपाहियों को संबंधित स्थानों पर भेजा जाएगा। एसपी अनिल कुमार सिंह ने बताया, हाल ही में आर्म्स-पुलिस और सिविल पुलिस का अंतर समाप्त कर दिया गया है। जिसकी जहां पर आवश्कता है। उसे वहीं पर रखा गया है।