अब ट्रेंड चालक व शिक्षित गाइड संभालेंगे जंगल की जिम्मेदार
गड़बड़ियां रोकने को टाइगर रिजर्व प्रशासन कर रहा बदलाव
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। इको टूरिज्म चूका बीच मे चालू सत्र के दौरान पैदा होने वाली समस्याओं को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन कुछ बदलाव कर रहा है। यह बदलाव कैंटीन व जंगल सफारी पर तैनात गाइड व चालकों को लेकर किया जा रहा है।
महोफ रेंज के कोर एरिया व डैम से सटे इलाके में इको टूरिज्म चूका बीच बनने के बाद स्थानीय लोगों द्वारा समिति का गठन किया गया था। इसके बाद से समिति के सदस्य चूका बीच में मौजूद रहकर विभिन्न कार्यों में हिस्सा लेते आ रहे हैं। चूका बीच में संचालित कैंटीन भी समिति के अधीन चली आ रही है। इसके अलावा जंगल सफारी पर समिति से जुड़े लोग ही चालक व गाइडों की जिम्मेदारी निभाते आ रहे है। इसके चलते बीते सत्र के दौरान जंगल सफारी पर तैनात चालक व गाइडों मे विवाद होते रहे हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी दी जाती रही। इधर टाइगर रिजर्व में फील्ड डायरेक्टर की तैनाती के बाद मामले की जानकारी उन्हें भी दी गई। फील्ड डायरेक्टर एच राजा मोहन ने बताया कि चूका बीच मे व्यवस्थाओं को बेहतर रखने के लिए आने वाले पर्यटन सत्र से पहले चूका बीच में संचालित कैंटीन को टाइगर रिजर्व द्वारा नीलाम किया जाएगा। इसके अलावा जंगल सफारी पर ट्रेंड चालक व 12 वीं पास गाइड ही तैनात किए जाएंगे। जिसके लिए आदेश जारी किए जा रहे हैं।
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पूरनपुर रेलवे स्टेशन व आसाम चौराहे से भी मिलेगी सफारी
आगामी पर्यटन सत्र के दौरान चूका में पहुंचने वाले पर्यटकों की अधिक संख्या व उनकी सहूलियत को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने दो अन्य स्थानों पर सफारी प्वाइंट बनाया है। इसके तहत पर्यटकों को नेहरू ऊर्जा केंद्र के अलावा पूरनपुर रेलवे स्टेशन व आसाम चौराहे से भी जंगल सफारी मिल सकेगी। इसके लिए टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने पत्र जारी किए हैं।