पीलीभीत। बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम खजुरिया पचपेड़ा गांव की सीमा में दो दिन पूर्व देखे गए एक शावक की निगरानी बढ़ा दी गई है। शनिवार को डब्ल्यडब्ल्यूएफ की ओर से चार कैमरे लगा दिए गए है। इसके अलावा वन विभाग की तीन टीमों के जरिये भी क्षेत्र में नजर रख रही है। दो दिन पूर्व शावक के खेतों की ओर चहलकदमी करते देखे जाने की सूचना के बाद वन विभाग सतर्क हुआ है। हालांकि अब तक शावक होने की विभागीय पुष्टि नहीं हो सकी है।
जंगल से बाहर निकलकर खजुरिया पचपेड़ा गांव की सीमा में पहुंची एक बाघिन को पांच दिन पूर्व ट्रेंक्यूलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया गया था। दो ग्रामीणों पर हमले के बाद बाघिन की घेराबंदी की गई थी। मुख्यालय के निर्देश पर अफसरों ने बाघिन को लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया था। इधर, दो दिन पूर्व गांव की सीमा में स्थित खेतों में कार्य कर रहे कुछ ग्रामीणों की फसल में चहलकदमी कर रहे शावक पर नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद से ही विभागीय अफसर गंभीर हुए है। शावक पर नजर रखने के लिए वनकर्मियों की तीन टीमों को क्षेत्र में सक्रिय कर दिया गया है। वहीं अफसरों ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए शावक पर नजर रखने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ से कैमरे लगाने का सहयोग मांगा। शनिवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार की ओर क्षेत्र में चार कैमरे लगवाए गए है। आशंका जताई जा रही है कि पांच दिन पूर्व ट्रेंक्यूलाइज कर पिंजरे में कैद हुई बाघिन का शावक हो सकता है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना को गंभीरता से लेते हुए अमल शुरू कर दिया गया है। शावक की निगरानी के लिए संबंधित क्षेत्र में चार कैमरे लगा दिए गए हैं। वन विभाग की टीम भी लगातार निगरानी में जुटी है। जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके, हालांकि अभी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है।