पीलीभीत। ईक्षा मोबाइल एप के जरिए की जा रही ऑनलाइन मॉनिटरिंग कार्य की समीक्षा में 11 सह समन्वयकों के कार्यों की स्थिति बेहद खराब पाई गई। बीएसए के मुताबिक इन लापरवाह सह समन्वयकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
शासन ने शिक्षा की गुणवत्ता पर नजर रखने वाले ब्लॉक संसाधनों केंद्रों पर तैनात 33 सह समन्वयकों को मोबाइल एप ईक्षा की मदद से परिषदीय स्कूलों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मोबाइल एप के जरिए प्रत्येक समन्वयक को विद्यालयों में कक्षाओं का अवलोकन और भौतिक जानकारी मोबाइल एप में अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जिले के सह समन्वयकों ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। शासन द्वारा जब इसकी समीक्षा की गई तो जिले में मात्र 25 फीसदी कक्षा अवलोकन होना पाया गया। इस पर शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बीएसए से नाराजगी जताते हुए नवंबर से जनवरी तक की रिपोर्ट की समीक्षा कर मानक से कम कक्षा अवलोकन करने वाले सह समन्वयकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में प्रभारी बीएसए शिवेंद्र कुमार वर्मा ने सभी 33 सह समन्वयकों के कार्यों की समीक्षा की। जिसमें पूरनपुर और बीसलपुर के तीन-तीन सह समन्वयक, मरौरी और ललौरीखेड़ा के दो-दो और बिलसंडा के एक सह समन्वयक के कार्य की स्थिति बेहद खराब पाई गई। इसमें एक सह समन्वयक बुद्घसेन ने तो तीन महीने में मात्र एक ही कक्षा का अवलोकन किया। फिलहाल वे निलंबित चल रहे हैं। अब इन लापरवाह सह समन्वयकों के खिलाफ शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ईक्षा मोबाइल एप के जरिए सभी सह समन्वयकों को 20-20 कक्ष का अवलोकन करने का लक्ष्य दिया गया था। कुछ सह समन्वयकों ने इसमें खासी लापरवाही बरती है। समीक्षा में 11 सह समन्वयकों ने लक्ष्य से काफी कम कक्षा अवलोकन किए हैं। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
शिवेंद्र कुमार वर्मा, बीएसए