जंगल मार्ग पर वाहनों की स्पीड 30 किमी प्रति घंटे निर्धारित
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के अंतर्गत जंगल मार्गों पर तेज रफ्तार में दौड़ रहे वाहनों की टक्कर से वन्यजीवों की मौत की बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने राहगीरों को जागरूक करने के लिए बोर्ड लगा दिए हैं। वाहनों की स्पीड यदि 30 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टाइगर रिजर्व के जंगल क्षेत्र में बनी सड़क बेहतर होने के साथ-साथ उस पर ट्रैफिक भी कम रहता है। लिहाजा वाहन चालक जंगल मार्ग से गुजरते समय यह भूल ही जाते हैं कि वह जंगल के भीतर वाहन चला रहे हैं। ऐसे में वह अपने वाहन को अनियंत्रित गति से गुजारने में भी परहेज नहीं करते। इसी बीच यदि कोई वन्यजीव सड़क पार करने लगे तो चाह कर भी वाहन स्वामी उसे बचा नहीं पाते। जंगल के भीतर से गुजरने वाले वाहनों की चपेट में आकर कभी हिरन, तो कभी भालू के बच्चों की मौत होती रही है। कुछ स्थानों पर मगरमच्छ भी वाहन की चपेट में आ चुके हैं। यही नहीं हाल ही में असम हाईवे पर अज्ञात वाहन की चपेट में आकर एक तेंदुए तक को अपनी जान गवानी पड़ी। जंगल मार्ग पर लगातार हो रही घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर आदर्श कुमार ने जिले के सभी जंगल मार्गों पर वन्यजीव संबंधी जानकारी साझा करते हुए सावधान बोर्ड लगवा दिया है। जिसके माध्यम से मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को जंगल क्षेत्र का हवाला देते हुए वाहन की गति नियमित रखने, दो पहिया वाहन द्वारा हेलमेट का प्रयोग करने, ओवरलोड वाहन प्रतिबंध रहने के अलावा वन क्षेत्र में गंदगी, जलन पदार्थ पर प्रतिबंध लगे होने की जानकारी साझा करते हुए, नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।