खेकड़ा (बागपत)।
सवर्ण संगठनों के भारत बंद के आह्वान के तहत खेकड़ा नगर में सवर्ण समाज ने बैठक कर विरोध जताया। केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जुलूस निकाल कर काले कानून को वापस लेने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट ने एससी/ एसटी कानून में तुरंत गिरफ्तारी के कालम को हटाया, लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार ने दलित समाज के आक्रोश को देखकर विधेयक लाकर कानून को फिर से सख्त बना दिया। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को देश व्यापी बंद हुआ। खेकड़ा नगर में सवर्ण समाज ने बैठक कर केन्द्र सरकार के इस कदम की भर्त्सना की। वक्ताओं ने कहा सरकार दलित वोटों के लिए ऐसा कर रही है, जबकि इस कानून का दुरुपयोग कर सवर्णों को प्रताड़ित करने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि एससी/ एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया था उसे बहाल किया जाए। कहा कि इस एक्ट का दुरुपयोग कर उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जाता है। एक्ट पर शीर्ष न्यायालय के फैसले को बहाल रखा जाए। कहा कि कोर्ट का फैसला सही है, लेकिन वोट बैंक में दबाव आकर सरकार ने एक्ट को उसके पुराने स्वरूप में बहाल कर दिया है जिसका कि वह विरोध कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा यदि उनकी मांगें नहीं मानी तो सरकार को इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। बैठक के बाद केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जुलूस निकाला। इस बैठक की अध्यक्षता पंडित जयभगवान शर्मा ने की। संचालन संजय वशिष्ठ ने किया। इस दौरान पुनीत शर्मा, मनोज शर्मा, एडवोकेट सुरेंद्र पाल, अनिरुद्ध शर्मा, एसके कौत्स, साहिल, दीपक शर्मा, अनुज शर्मा, प्रवेश शर्मा, पंकज शर्मा आदि रहे।