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विरोध प्रदर्शन तक ही सिमटकर रह गया भारत बंद
शहर समेत पूरनपुर व बीसलपुर में बंद फ्लॉप, ग्रामीण इलाकों में दिखा मिलाजुला असर
क्रासर..
वकीलों ने की कलमबंद हड़ताल, न्यायिक कार्य से रहे विरत
क्रासर...
सवर्ण महासभा के पदाधिकारियों ने जुलूस निकालकर सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। केंद्र सरकार द्वारा एससी एसटी एक्ट में संशोधन कर उसे बहाल करने के विरोध में भारत बंद का असर शहर समेत तीनों तहसीलों में नहीं दिखा। ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का मिलाजुला असर देखा गया। समर्थन में अधिवक्ता कलमबंद हड़ताल पर रहे। वहीं सर्राफा व्यापारियों ने समर्थन में विरोधस्वरूप काली पट्टी बांधी, लेकिन प्रतिष्ठान खोले रखे। सवर्ण महासभा के पदाधिकारियों ने समर्थन करने वाले संगठनों के पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं के साथ राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपे।
सर्वण समाज महासभा की ओर से एससीएसटी एक्ट के विरोध में बृहस्पतिवार को भारत बंद का आह्वान किया गया। सवर्ण महासभा के पदाधिकारियों ने व्यापारियों के साथ बाजार में घूमकर प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की, लेकिन प्रतिष्ठान खुले रहे। इधर सर्वण समाज महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव मिश्रा संजू के नेतृत्च में पदाधिकारी चावला चौराहे पर एकत्र हुए। यहां से पदाधिकारियों ने जुलूस की शक्ल में शहर के स्टेशन रोड, जेपी रोड, स्टेडियम रोड, टनकपुर रोड आदि का भ्रमण कर व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की। जुलूस में शामिल पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और केंद्र सरकार से काले कानून को वापस लेने की मांग की। इससे पूर्व सभा भी हुई। इसमें डॉ. पीडी सिंह ने कहा कि एकजुट होने के लिए एक संघर्ष समिति का गठन किया जाए और आंदोलन को गति देने को एक कोर कमेटी का भी गठन किया जाना चाहिए। सवर्ण समाज महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव मिश्रा व महामंत्री हरिओम बाजपेई ने भी विचार रखे। इस मौके पर कायस्थ समाज के सौरभ सक्सेना, साकेत सक्सेना, उदित शुक्ला, अंशुमान तिवारी, शैलेंद्र सिंह, संदीप मिश्रा, संजय पांडे, आकाश शर्मा, वेद प्रकाश प्रकाश शुक्ला शेखर शुक्ला, धर्मेंद्र सिंह चौहान, क्षत्रिय महासभा संजय सिंह तोमर आदि शामिल रहे।
पूरनपुर। एससीएसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद का असर नगर में नहीं दिखा। रोजाना की तरह व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले। इधर प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिशन के आहवान पर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
बीसलपुर। नगर में बृहस्पतिवार को बंद का असर पूरी तरह से बेअसर दिखा। तहसील व मुंसिफ कोर्ट के अधिवक्ताओं ने हड़ताल पर रहकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद एससीएसटी एक्ट को बहाल करने के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और एसडीएम वंदना त्रिवेदी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में अधिवक्ता छोटे लाल सक्सेना, उमेश शुक्ला, संजय कुमार, कमलेश सिंह, सुरेश मिश्रा, संजय मिश्रा, सत्यवीर मिश्रा आदि शामिल रहे। इधर अधिवक्ताओं का एक वर्ग हड़ताल से दूर रहा और रोज की तरह कार्य किया। इन अधिवक्ताओं में सियाराम माथुर, रमेश गौतम, प्रमोद कुमार, रविंद्रपाल सागर, रामेश्वर दयाल, राजेश चंद्र अरविंद, राजाराम सरस्वती, वीरपाल, विपिन कुमार, चिरौंजी लाल, वीरेंद्र कुमार, रिषीराज आदि शामिल रहे।
बिलसंडा। एससीएसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण वर्ग के आहवान पर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर बाजार बंद रहे। सवर्ण समाज के लेागों ने नगर के कमल पार्क पर एकत्र हुए और बीसलपुर तहसीलदार राकेश मौर्या को ज्ञापन सौपा। सर्वण समाज के लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। वहीं ईटगंाव व बमरौली में एससी-एसटी के विरोध में लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यहां अधिकांश दुकानें बंद रही। इस दौरान अवधेश शर्मा, शैलेश शर्मा, रजत शर्मा, प्रियंक तिवारी, मोनी अवस्थी, रामदास पाठक, वैभव सक्सेना, श्रवण शुक्ला, वीरेश सिंह, रवि पंडित, रिंकू समेत कई लोग मौजूद रहे।
घुंघचाई। एससीएसटी एक्ट के विरोध में कस्बे की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे के अलावा आसपास क्षेत्र के गांवों में व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध जताया। इस मौके पर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महामंत्री मयंक मिश्रा, अमर मिश्रा, डॉ. सागर विश्वास, रामनरेश मिश्रा, मनीष त्रिवेदी, अतुल मिश्रा, जितिन गुप्ता, विजय शुक्ला, रवि त्रिवेदी सहित कई लोग मौजूद रहे।
न्यूरिया। भारत बंद के समर्थन में कस्बे की अधिकांश दुकानें बंद रही। हालांकि कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खुले रखे।
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समर्थन में अधिवक्ता रहे कलमबंद हड़ताल पर
पीलीभीत। जिला मुख्यालय पर जिला संयुक्त बार एसोसिएशन, सेंट्रल बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन से जुड़े सभी अधिवक्ता कलमबंद हड़ताल पर रहे। अदालती कामकाज ठप रहा। वादकारी तारीखें लेकर वापस लौट गए। भारत बंद के समर्थन में निकाले गए जुलूस में भी दर्जनों अधिवक्ताओं ने अपनी भागीदारी की। कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी केंद्र सरकार ने वोटों के लालच में कानून में परिवर्तन लोगों को आपस में लड़ाने का काम किया है।
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सर्राफा व्यापारियों ने काली पट्टी बांध जताया विरोध
पीलीभीत। सवर्ण समाज के भारत बंद को सर्राफा एसोसिएशन ने काली पट्टी बांधकर समर्थन देने का वादा किया था। बृहस्पतिवार को शहर के सर्राफा व्यापारियों ने इसी को लेकर अपने प्रतिष्ठान तो खोले, लेकिन काली पट्टी बांध विरोध जताया।
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सवर्ण समाज महासभा के राष्ट्रीय आहवान पर बृहस्पतिवार को शहर को छोड़कर अन्य तहसीलों व ग्रामीणों अंचलों में बंद पूरी तरह सफल रहा, लेकिन भारत बंद को लेकर शहर में पूर्व में बंद का प्रचार प्रसार न होने के कारण बाजार पूरी तरह बंद नहीं हो सका। हालांकि अधिकांश व्यापारियों व संगठनों ने इसका पूर्णतया: समर्थन किया है।
संजीव मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष, सवर्ण समाज महासभा
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सुनील-