विकलांगजनों की पहचान कर उपकरण एवं इलाज के लिए पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के निकट बारात घर में हुए शिविर में 364 विकलांगों को पंजीकृत किया गया।
जिला विकलांग कल्याण विभाग एवं जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के संयुक्त तत्वावधान मेें विकलांगों के पंजीकरण के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। बिलसंडा और पूरनपुर के बाद शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर शिविर लगाया गया। शिवि में पहुंचे विकलांगों को जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों की विकलांग बोर्ड टीम के सदस्यों ने विकलांगजनों की जांच की। उनकी रिपोर्ट के आधार पर एल्मिको कानपुर से आई टीम ने विकलांगों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया। जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के प्रबंधक सुखवीर भदौरिया ने बताया कि पंजीकरण के साथ ही चिन्हित विकलांग जनों को उपकरण वितरण के लिए रसीदें दी गई हैं। इन रसीदों के आधार पर ही संभवत: फरवरी माह में पुन: कैंप लगाकर उपकरण वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जांच शिविर में कटे होंट व कटे तालू के मरीजों की भी पहचान की गई। पर्याप्त संख्या होने पर इनका भी नि:शुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा। शुक्रवार को संपन्न हुए कैंप में ट्राईसाइकिल के 251, कान मशीन के 47, बैसाखी के 35 और व्हीलचेयर के लिए 31 विकलांग पंजीकृत किए गए हैं। शिविर में जिला विकलांग कल्याण अधिकारी महेश प्रसाद, जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के प्रबंधक सुखवीर भदौरिया, डॉ. आरके सक्सेना, डॉ. अनिल मिश्रा, डॉ. चावल, दुर्वेश सिंह, वीरेंद्र सिंह उमाचरन सहित कई लोग थे।