फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हम करेंगे जरूरतों को पूरा, आप जंगल बचाने में करें सहयोग

विज्ञापन
विज्ञापन
बॉटम
विज्ञापन


हम करेंगे जरूरतों को पूरा, आप जंगल बचाने में करें सहयोग
वन्यजीव और जंगल की हिफाजत को वन मित्र कार्यक्रम की शुरूआत
पहले चरण में दस गांव चिह्नित, टीम ने शुरू किया कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत।
मानव-वन्यजीव संघर्ष, जंगल में अवैध तरीके से आवाजाही समेत कई बिंदुओं को देखते हुए वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से वन मित्र कार्यक्रम की शुरूआत मंगलवार से कर दी गई है। इसमें टाइगर रिजर्व से सटे गांवों पर विशेष फोकस किया गया है।
विज्ञापन

वैसे तो वन मित्र कार्यक्रम की रूपरेखा काफी पहले बनाई जा चुकी है। तत्कालीन डीएम शीतल वर्मा के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने पूरा ग्राफ तैयार किया था। हालांकि किन्हीं कारणवश इसकी शुरूआत नहीं हो सकी। अब मंगलवार से इसकी शुरूआत होने के बाद प्रथम चरण में जंगल से सटे घेरा रिछौला, वसंतापुर, पुरवा भूड़ा, रूपपुर सैजना, मैथी सैदुल्लागंज, मेवातपुर, खरगापुर, बनकटी, बिठौरा कॉलोनी समेत दस गांवों को शामिल किया गया है। यहां पर वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की संयुक्त टीम ग्रामीणों को उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कराएगी। रसोई गैस, चिकित्सीय सुविधा से लेकर शौचालय आदि मुहैया कराने का काम इसके तहत किया जाएगा। चिह्नित किए गए दस गांवों में साढ़े सात सौ से लेकर एक हजार रसोई गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रयास किया जाएगा कि जंगल से सटे गांवों में हर घर में रसोई गैस पहुुंचाई जा सके, ताकि अवैध कटान से छुटकारा मिले। वन मित्र बनाए जाने वाले ग्रामीणों को जंगल की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति खुद जागरूक होने के साथ ही दूसरों को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। पहले दिन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के नरेश कुमार की अगुवाई में टीम बनकटी व आसपास के कई गांवों पहुंची और ग्रामीणों को वन मित्र कार्यक्रम की जानकारी दी व गैस कनेक्शन बांटे। इस कार्यक्रम को पूरा करने की अभी कोई समयावधि तय नहीं है। फिलहाल यह प्रयास किया जाएगा कि आगामी तीन माह के भीतर अधिकाधिक कार्य पूरा कर लिया जाए। महकमे से जुड़े अफसरों का मानना है कि सही ढंग से इसमें काम होने के बाद काफी लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें