03 पीबीटीपी 13, 14, 15
पीलीभीत। जिले के प्रभारी एवं सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की। इसमें स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग फेल साबित हुए। वहीं डीएसओ भी प्रश्नों का सही जवाब नही दें पाए। इस पर प्रभारी मंत्री ने नाराजगी व्यक्त कर सुधार के निर्देश दिए। कहा कि विभिन्न योजनाओं के पात्रों को जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में लाभांवित किया जाए।
गांधी सभागार में कानून व्यवस्था एवं कुछ विभागों की समीक्षा बैठक की शुरुआत प्रभारी मंत्री प्रधानमंत्री आवास योजना के 29 लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाणपत्र वितरित कर किया। इसके बाद पुलिस विभाग से समीक्षा की। डायल 100 पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा इनसे धन उगाही की सूचनाएं मिल रही है जो ठीक नहीं है। विशेषकर खनन के मामले में इसकी शिकायतें हैं। उन्होंने एसपी को निर्देश किया कि खनन की सूचना पर डायल 100 को न भेजें। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की स्थिति काफी खराब पाई गई। अस्पतालों में प्रसूताओं को भोजन दिए जाने की बाबत सीएमओ सही जवाब नहीं दे पाए जबकि विधायकों का कहना था कि भोजन का वितरण नहीं हो रहा है। क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सकों के गायब रहने और अधिकांश चिकित्सकों के मुख्यालय पर न रहकर बरेली से आने की जानकारी होने पर प्रभारी मंत्री ने फटकार लगाई। बेसिक शिक्षा में ड्रेस का वितरण, पुस्तक, बस्ता आदि का वितरण ठीक न होने, किसी भी वितरण में जनप्रतिनिधि न बुलाने पर भी प्रभारी मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि भविष्य में आवास, उज्जवला योजना के गैस कनेक्शन, ड्रेस वितरण, बिजली कनेक्शन आदि का वितरण संबंधित विधायकों अथवा उनकी अनुपस्थिति मे उनके द्वारा बताए गए प्रतिनिधियों से कराया जाए। प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी रितेश चंद्रा भी किसी बात का सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर उनकी भी फटकार लगाई। इसके अलावा सड़क निर्माण, ऋण माफी, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अतिक्रमणकारियों व भूमाफिया चिह्नीकरण की भी समीक्षा उन्होंने की। बैठक में विधायक रामसरन वर्मा, संजय गंगवार, किशनलाल राजपूत, बाबूराम पासवान डीएम शीतल वर्मा, एसपी कलानिधि नैथानी, एसडीएम पूर्णिमा सिंह, सूरज यादव, जेपी चौहान, प्रभारी सीडीओ/पीडी आरबी भास्कर, सीएमओ डॉ. ओपी सिंह, एआर कोआपरेटिव राजेश कुमार सिंह, बीएसए डा. इंद्रजीत, सभी अधिशासी अभियंता, परियोजना अर्थशास्त्री जेसी जोशी सहित कई अधिकारी थे।