मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में सचिव और प्रधान मिलकर मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। कच्चे कार्यों की अपेक्षा बड़े पैमाने पर पक्के कार्य कराए जा रहे हैं। मनरेगा कार्यों में मानक की अनदेखी करने पर डीएम ने 219 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किए हैं। 31 मार्च तक मानक में सुधार न होने पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी व प्रधान से रिकवरी की जाएगी।
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत गांव में कराए जाने वाले कार्यों में 60 प्रतिशत कच्चे और 40 प्रतिशत पक्के कार्य होने चाहिए। इसके लिए गांव की कार्य योजना बनाते समय ध्यान रखा जाता है, लेकिन जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में इसका ध्यान नहीं रखा गया।
इसको लेकर शासन ने भी पिछले दिनों मानक के अनुरूप कार्य कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी मानक के विपरीत ग्राम पंचायतों में पक्के कार्यों पर अधिक धनराशि खर्च की गई। मनरेगा कार्यों की समीक्षा में मानक की अनदेखी सामने आने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जांच कराने के निर्देश दिए।
मनरेगा उपायुक्त डॉ. शिवाकांत द्विवेदी की जांच में सभी सात ब्लाकों में 219 ग्राम पंचायत इस तरह की पाई गई जिसमें 40 प्रतिशत से अधिक पक्के कार्य कराए गए। जांच रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने सभी 219 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है साथ ही 31 मार्च तक मानक पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित समय तक मानक पूरे न होने पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी व प्रधानों से रिकवरी की जाएगी।
ग्राम पंचायतों की ब्लाक वार संख्या
ब्लाक गांव की संख्या
पूरनपुर 77
अमरिया 36
बरखेड़ा 45
बीसलपुर 45
ललौरीखेड़ा 06
मरौरी 09
बिलसंडा 06
योग 219