खेकड़ा (बागपत)।
दस लक्षण पर्व के चौथे दिन जैन मन्दिरों में भगवान के अभिषेक, शांति धारा पूजन पंचपरमेष्ठी विधान का आयोजन हुआ। इस मौके पर वक्ताओं ने उत्तम सत्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
दसलक्षण पर्व के चौथे दिन सोमवार को नगर के जैन कॉलेज मार्ग स्थित भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में ब्रह्मचारी अक्षय कुमार जैन के सानिध्य में सर्व प्रथम सुबह सात बजे भगवान महावीर का अभिषेक हुआ। इसके पश्चात शान्ति धारा सामूहिक पूजन विधि विधान के साथ कराया। साथ ही पंच परमेष्ठी विधान में भक्तों ने भाग लिया। विधान की समाप्ति पर ब्रह्मचारी अक्षय कुमार जैन ने कहा कि आत्मा की स्वच्छता का निर्मल होना ही उत्तम शौच धर्म कहलाता है। यह धर्म लोभ के अभाव में प्रकट होता है। लोभ समता भाव का शत्रु है, इसलिए लोभ लालच का त्याग कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। तभी मनुष्य का कल्याण संभव है। रात्रि में शास्त्र प्रवचन, प्रश्न मंच के साथ ही तमोला गेम का आयोजन कराया । इस दौरान प्रवीन जैन, विरेंद्र कुमार जैन, साहिल जैन, उर्मिला जैन, ऊषा जैन, मनीषा जैन, दीपा जैन आदि रहे। खेकड़ा नगर के छोटा बाजार स्थित श्री शांति नाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दस लक्षण पर्व के चलते विधानाचार्य देवेंद्र शास्त्री द्वारा श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान का आयोजन कराया। संगीतकार अनुभव जैन मध्य प्रदेश द्वारा भगवान शान्तिनाथ को सत मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी। इस दौरान जिनेश कुमार जैन, सुमेर चंद जैन, ओमप्रकाश जैन, नरेश चंद जैन, विनय कुमार जैन, राज कुमार जैन, शुभम जैन, संजय जैन आदि रहे। रात्रि में प्रवचन प्रश्न मंच का भी आयोजन किया। इसके अलावा नगर स्थित श्री च्रदंप्रभु दिगम्बर मंदिर, भगवान आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, क्षेत्र के बड़ागांव स्थित प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर, त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर में भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसमें भक्तों ने भाग लेकर पूजा अर्चना कर धर्म लाभ उठाया।